जनसंख्या से बढ़ती समस्याओं का निदान आवश्यक

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एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

फरीदाबाद। विश्व जनसंख्या दिवस पर जूनियर रेडक्रॉस और सेंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सराय ख्वाजा फरीदाबाद में प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा की अध्यक्षता में जनसंख्या वृद्धि के कारण देश के समक्ष उत्पन्न हो रही समस्याओं पर प्रकाश डाला गया। विद्यालय की जे आर सी, एस जे ए बी अधिकारी प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा ने जनसंख्या विस्फोट से हो रही आर्थिक, सामाजिक और सामयिक हानियों से अवगत करवाया। प्राचार्य मनचंदा ने कहा कि इस वर्ष विश्व जनसंख्या दिवस 2025 का थीम किसी को पीछे न छोड़ें, सबकी गिनती करें है। यह थीम यह सुनिश्चित करती है कि संख्या में सभी का उचित प्रतिनिधित्व हो चाहे उनकी पृष्ठभूमि, राष्ट्रीयता, भूगोल या सामाजिक आर्थिक स्थिति कुछ भी हो एक ऐसे विश्व को इमैजिन करें जहां हम सभी आठ अरब लोगों का फ्यूचर एक्सपेक्टेशन और पोटेंशियल से भरपूर हो रखा गया है। सैंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड, जूनियर रेडक्रॉस तथा गाइड्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मनचंदा ने कहा कि द्रुत गति से भागते इस विश्व में ऐसे बहुत से व्यक्ति हैं जिनके पास आजीविका का साधन नहीं है। शिक्षा और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं से भी बहुत सारे व्यक्ति वंचित हैं जैसे बेरोजगारी, भुखमरी,  निर्धनता और प्रदूषण से होने वाली बीमारियों से सामान्य जन जूझ रहे हैं। इन सभी समस्याओं का एक बड़ा कारण बढ़ती जनसंख्या है। इसी कारण  जनसंख्या नियंत्रण के उद्देश्य से विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है ता कि जनसंख्या पर नियंत्रण करके जीवन को सुधारा जा सके। बढ़ती हुई जनसंख्या के कारण से देश और ब्रह्मांड के समक्ष जो कठिनाइयां हैं उनसे इको सिस्टम और मानवता को गंभीर हानि पहुंचती है, उसके प्रति लोगों में जागरुकता लाने के लिए ये दिवस मनाया जाता है। प्राध्यापिका दीपांजलि ने बताया कि परिवार नियोजन, निर्धनता, लैंगिक असमानता, नागरिक अधिकार, मां और बच्चे का स्वास्थ्य, गर्भनिरोधक दवाओं का प्रयोग जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा और विमर्श किया जाता है। आज के कार्यक्रम में छात्रा रिद्धि ने बताया कि एक रिपोर्ट के अनुसार भारत पॉपुलेशन के विषय में चीन को पीछे छोड़कर अब विश्व में नंबर वन बन गया है। इंडिया यंग जेनरेशन के मामले में भी आगे है चीन में सीनियर सिटीजन अधिक हैं। यूनाइटेड नेशन्स ऑर्गेनाइजेशन द्वारा 1989 में वर्ल्ड पॉपुलेशन डे को मनाना प्रारंभ किया गया था। तब से प्रत्येक वर्ष यह दिन सेलिब्रेट किया जाता है। प्राचार्य ने बताया कि इस दिन को मनाने का मुख्य कारण बढ़ती जनसंख्या के प्रति युवाओं को जागरूक किया जाए ताकि निर्धनता, अशिक्षा और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से बचा जा सके और सभी को विकास का समुचित लाभ मिले तथा ह्यूमन रिसोर्स का उचित सदुपयोग हो पाए। प्राचार्य ने सफल आयोजन के लिए प्राध्यापिका दीपांजलि, गीता और सुशीला बेनीवाल का  विशेष रूप से धन्यवाद प्रकट किया।

 

 

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