एसएफआई ने किया धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन
एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून, 24 जुलाई। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया देहरादून के नेतृत्व में सभावाला चौक पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए उनका पुतला दहन किया गया। इस दौरान छात्रों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने शिक्षा व्यवस्था में लगातार हो रही अनियमितताओं, पेपर लीक और छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसएफआई के जिला सचिव अयाज खान ने कहा कि पिछले लगभग 9–10 वर्षों में राष्ट्रीय स्तर की अनेक परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह विफल साबित हुई है और केंद्र सरकार तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इसकी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के कारण 20 छात्रों की जान जा चुकी है, जिसकी नैतिक जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री को लेनी चाहिए।
इसके बाद साथी समीर ने दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन का अनुभव साझा करते हुए बताया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रदर्शनकारियों का पीछा कर उन्हें गिरा रही थी, लाठियां बरसा रही थी और आंसू गैस के गोले छोड़कर आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही थी।
छात्रा साइमा परवीन ने भी अपने संबोधन में कहा कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ बेहद अमानवीय व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने छात्रों पर बेरहमी से लाठीचार्ज किया और अत्यधिक बल प्रयोग किया।
कार्यक्रम में इसराइल, आयुष, नफीसुद्दीन, इस्लाम, पाल, जोया और तोसीफा,आजम,आसिम सहित एसएफआई के अनेक कार्यकर्ता एवं छात्र-युवा मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में एसएफआई ने 26 जुलाई को देहरादून में आयोजित मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की छात्रों, युवाओं, अभिभावकों एवं आम नागरिकों से अपील की तथा शिक्षा बचाने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के संघर्ष को और तेज करने का आह्वान किया।
