देहरादून में सन् 1918 में हुई थी ओलंपिया टॉकीज की शुरुआत

संदीप गोयल/एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून। ओलंपिया टॉकीज देहरादून का एक बहुत पुराना और अब बंद हो चुका सिनेमा हॉल था। जो चकराता रोड पर प्रभात सिनेमा के सामने और आनंदपुरी रेस्टोरेंट वाली बिल्डिंग के पास स्थित था। 1980 के दशक तक यह अस्तित्व में था और बाद में इस जगह पर अन्य व्यावसायिक इमारतें व दुकानें बन गईं। देहरादून का ओलंपिया टॉकीज शहर के सबसे पुराने सिनेमाघरों में से एक था, जो 1918 में ओरिएंट सिनेमा के साथ शुरू हुआ था। यह ब्रिटिश काल के दौरान देहरादून में मनोरंजन और सिनेमा की शुरुआत का एक मुख्य केंद्र था। उस समय देहरादून में गिने-चुने मनोरंजन के साधन थे, और यह टॉकीज शहर के शुरुआती सिनेमाघरों में शामिल था जहाँ लोग फिल्म देखने आते थे। समय के साथ शहर का विकास हुआ, और बाद में देहरादून में लक्ष्मी टॉकीज, फिल्मस्तान, ओरिएंट और ओडियन जैसे कई अन्य सिनेमा हॉल भी खुले। आज के समय में पुराने सिंगल-स्क्रीन सिनेमाघरों की तरह ओलंपिया टॉकीज भी इतिहास का हिस्सा बन चुका है और अब यह अस्तित्व में नहीं है। पहला सिनेमा हॉल रेलवे स्टेशन के ठीक बाहर लक्ष्मी टॉकीज़ था। इसके पास ही दिल्ली बस स्टैंड भी था। दूसरा सिनेमा हॉल फिल्मिस्तान टॉकीज पलटन बाजार के दक्षिणी छोर पर सब्जी मंडी में था। चकराता रोड मे पाँच सिनेमाघर हुआ करते थे। दिग्विजय सिनेमा को पहले निशांत व प्रकाश टॉकीज़ कहा जाता था। यह क्लॉक टावर के सामने पहली मंजिल पर स्थित था, जो उस समय एकमात्र ऊँची मंजिल पर बना सिनेमाघर था। इसके बाद प्रभात सिनेमा था, जो ज़मीन से एक तल नीचे था। भूमिगत होने के कारण इसे आमतौर पर ‘खड्डे वाला सिनेमा’ कहा जाता था। इसकी बालकनी सड़क के स्तर पर थी। बाद में, इसके ठीक सामने एक और सिनेमाघर बना जिसका नाम था कृष्णा सिनेमा हॉल। इसके थोड़ा आगे नटराज थिएटर था, जो कैपरी सिनेमा से ठीक पहले था। कैपरी सिनेमा को पहले अमृत टॉकीज कहा जाता था। राजपुर रोड पर यूनिवर्सल पेट्रोल पंप के पीछे स्थित न्यू एंपायर सिनेमा हैं। यह एक बड़ा हॉल था जिसमें 8 से 10 लोगों के लिए विशेष बैठने की व्यवस्था वाले फैमिली बॉक्स भी थे। इसके आगे ओडियन सिनेमा था, जो एक छोटा और आरामदायक हॉल था, इस थिएटर में केवल अंग्रेजी फिल्में दिखाई जाती थीं। ओडियन के पीछे पायल और छायादीप नाम के दो और सिनेमाघर बाद में खुले। इसके आगे कनक सिनेमा हॉल था। खेत्रपाल प्रेक्षागृह में केवल सेना के अफसर व उनके परिवारों के लिए ही सिनेमा प्रदर्शित की जाती थी व उसमे गैर सैनिकों का प्रवेश वर्जित था। लक्ष्मी टाकीज, फिल्मिस्तान टाकीज, कैपरी सिनेमा, ओडियन सिनेमा बंद हो चुके हैं, कनक, कृष्णा पैलेस व दिग्विजय सिनेमा में अब फिल्म दिखाई नहीं जाती।
देहरादून शहर के सिनेमाघर :-
१. लक्ष्मी टाकीज – गाँधी रोड, अग्रवाल धर्मशाला के सामने
२. फिल्मिस्तान टॉकीज- पुरानी सब्ज़ी मंडी, मोती बाजार
३. दिग्विजय सिनेमा – घंटाघर
४. कैपरी सिनेमा – चकराता रोड
५. नटराज सिनेमा – चकराता रोड
६. प्रभात टाकीज – चकराता रोड
७ . कृष्णा पैलेस सिनेमा – चकराता रोड
८. न्यू एम्पायर सिनेमा – राजपुर रोड
९ . ओरिएंट सिनेमा – क्वालिटी चौक
१०. छायादीप सिनेमा – राजपुर रोड
११. पायल सिनेमा – राजपुर रोड
१२. ओडियन सिनेमा – राजपुर रोड
१३. विक्ट्री सिनेमा – क्लेमेंटटाउन
१४. गैरीजन हॉल सिनेमा -मॉल रोड, गढ़ी कैंट
१५. न्यू राज कमल सिनेमा- दुर्गा मल्ल पार्क के समीप, गढ़ी कैंट
१६. खेत्रपाल प्रेक्षागृह – इंडियन मिलिट्री अकादमी (आई.एम.ए.)
१७. कनक सिनेमा – परेड ग्राउंड के समीप

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