August 1, 2026

घंटाघर के निकट गांधी रोड स्थित ऐतिहासिक बैंक भवन, 1918 से देहरादून की विरासत का साक्षी

संदीप गोयल/एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

देहरादून, 31 जुलाई। देहरादून के घंटाघर के निकट गांधी रोड पर स्थित वर्ष 1918 का ऐतिहासिक बैंक भवन आज भी शहर की औपनिवेशिक विरासत और स्थापत्य कला की अनूठी पहचान बना हुआ है। वर्तमान में यह भवन इंडियन बैंक के जोनल कार्यालय के रूप में उपयोग में है, जबकि पहले यहां इलाहाबाद बैंक संचालित होता था।

इलाहाबाद बैंक की स्थापना 24 अप्रैल 1865 को तत्कालीन इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में हुई थी। यह देश के सबसे पुराने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक था। वर्ष 2020 में भारत सरकार की बैंक विलय योजना के तहत इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में विलय कर दिया गया, जिसके बाद यह शाखा भी इंडियन बैंक का हिस्सा बन गई।

भवन के अग्रभाग पर अंकित “1918” इस बात का संकेत देता है कि यह इमारत एक शताब्दी से भी अधिक समय से देहरादून के विकास और आर्थिक गतिविधियों की साक्षी रही है। इसकी ऊँची मेहराबें, आकर्षक अग्रभाग, सफेद स्तंभ और औपनिवेशिक शैली की वास्तुकला इसे शहर की ऐतिहासिक इमारतों में विशिष्ट स्थान प्रदान करती है।

शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र में स्थित यह भवन न केवल बैंकिंग सेवाओं का केंद्र है, बल्कि देहरादून की ऐतिहासिक धरोहर के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। विरासत संरक्षण के जानकारों का मानना है कि ऐसे भवनों का संरक्षण शहर के इतिहास और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *