केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने किया गणेश ज्ञानार्थी प्रदर्शनी का उद्घाटन
एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज मुंबई में एशियाटिक सोसाइटी ऑफ मुंबई द्वारा आयोजित गणेश ज्ञानार्थी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फड़णवीस, उप-मुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे और एशियाटिक सोसाइटी ऑफ मुंबई के अध्यक्ष डॉ. विनय सहस्रबुद्धे सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री अमित शाह ने कहा कि वे एशियाटिक सोसाइटी में गृह मंत्री के नाते नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा को सहस्त्र वर्षों तक आगे ले जाने के आंदोलन के एक सहभागी के रूप में आए हैं। श्री शाह ने विश्वास जताया कि एशियाटिक सोसाइटी ऑफ मुंबई भारतीय ज्ञान परंपरा की वाहक बनकर इसे देशभर में पहुंचाएगी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि जो राष्ट्र अपनी स्मृति, इतिहास, संस्कार, भाषा, अभिलेख और परंपराओं की रक्षा नहीं कर सकता, वह कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, उसके पतन में देर नहीं लगती; और जो राष्ट्र अपनी स्मृति, इतिहास, परंपराएँ, संस्कार, अभिलेख, भाषा और व्याकरण की रक्षा करता है, वह कितने भी वर्षों तक गुलाम रहे, उसे कोई सच्चे अर्थों में गुलाम नहीं बना सकता। उन्होंने कहा कि विश्व का मार्गदर्शन करने के लिए खड़े हुए भारत के ओजस्वी ज्ञान को अनेक शक्तियों ने मिटाने का प्रयास किया, किंतु वे सफल नहीं हो सके। श्री शाह ने कहा कि नालंदा का पुस्तकालय तो जलाया जा सकता है; महीनों तक धुआँ उठे, इतनी प्रचंडता से उसे भस्म किया जा सकता है, पर जो ज्ञान श्रुति और स्मृति के रूप में लोगों के चित्त में बस चुका है, उसे कोई समाप्त नहीं कर सकता।
