महान स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करना प्रत्येक देशवासी का नैतिक दायित्व : अवधेश पन्त
संदीप गोयल/एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून। देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति को जीवंत रखना और उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित करना प्रत्येक देशवासी का नैतिक दायित्व है। इसी भावना के साथ देश के 350 से अधिक जिलों में प्रत्येक माह के प्रथम रविवार प्रातः 10 बजे 10 मिनट महान स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने का क्रम लगभग 40 माह से अनवरत जारी है। इसी क्रम में रविवार को देहरादून के पुरानी जेल परिसर स्थित स्वतंत्रता सेनानी स्मारक पर स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के सदस्यों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने एकत्र होकर अपने महान पूर्वजों को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीद परिवार कल्याण महापरिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अवधेश पन्त ने कहा कि जिन वीर सेनानियों ने देश की स्वतंत्रता के लिए जेलों की यातनाएं सहीं, अपना जीवन और परिवार तक देश के लिए समर्पित कर दिया, उनकी स्मृतियों की रक्षा करना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने पुरानी जेल परिसर स्थित सेनानी स्मारक के सौंदर्यीकरण और उचित रखरखाव की मांग की अनदेखी पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों से जुड़े स्थलों की उपेक्षा किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। उन्होंने शासन-प्रशासन से स्मारक के सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। अवधेश पन्त ने देहरादून के प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की कि अगले माह के प्रथम रविवार प्रातः 10 बजे अधिक से अधिक संख्या में पुरानी जेल परिसर स्थित सेनानी स्मारक पहुंचें और स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर नई पीढ़ी को उनके त्याग और बलिदान से परिचित कराने के अभियान में सहभागी बनें। कार्यक्रम में शशांक गुप्ता, श्रीमती आशा लाल, सत्य प्रकाश चौहान, अशोक गुप्ता, राजीव गुप्ता, आशुतोष गैरोला, अशोक नागर, श्रीमती प्रेम खन्ना, राम सिंह शर्मा सहित स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के अनेक सदस्य एवं नागरिक उपस्थित रहे।
