संदीप गोयल/एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

देहरादून। महा परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अवधेश पन्त का कहना हैं कि महान स्वतंत्रता सेनानी डॉ. प्रहलाद प्रजापति के नेतृत्व में महा परिषद का राष्ट्रव्यापी विस्तार तेज हो गया है। आज बिहार से 20 सदस्य राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किए गए हैं। शहीद एवं स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के सम्मान और अधिकारों के लिए महा परिषद देशव्यापी अभियान चलाएगी।
अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीद परिवार कल्याण महा परिषद ने देशभर में अपने संगठनात्मक विस्तार को गति देते हुए स्वतंत्रता सेनानियों एवं शहीदों के आश्रित परिवारों के सम्मान, अधिकारों और कल्याण के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाने का संकल्प दोहराया है। महा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष, महान स्वतंत्रता सेनानी एवं भारत सरकार की एमिनेंट कमेटी के पूर्व सदस्य, 102 वर्षीय डॉ. प्रहलाद प्रजापति के नेतृत्व में संगठन लगातार नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।
महा परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अवधेश पन्त ने बताया कि संगठन का मुख्य उद्देश्य देश के समस्त स्वतंत्रता सेनानियों एवं शहीदों के परिवारों तथा उनके आश्रितों का चिन्हीकरण कर उन्हें एक साझा मंच पर लाना है, ताकि केंद्र और राज्य सरकारों से उनके सम्मान, अधिकारों और कल्याण के लिए प्रभावी ढंग से आवाज उठाई जा सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में जिन परिवारों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया, उनके योगदान को केवल स्मरण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी आने वाली पीढ़ियों को सम्मानजनक जीवन और उचित सुविधाएं उपलब्ध कराना भी राष्ट्र का दायित्व है।
श्री पन्त ने कहा, “कारवाँ रुकेगा नहीं। यदि शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों का समुचित चिन्हीकरण नहीं हो रहा है, तो महा परिषद स्वयं इस दिशा में पहल करेगी। हमारा संकल्प है कि देश का कोई भी सेनानी या शहीद परिवार अपने अधिकारों और सम्मान से वंचित न रहे।”
पांचवीं पीढ़ी तक 5 प्रतिशत आरक्षण की मांग
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने केंद्र सरकार से मांग की कि स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीद परिवारों के त्याग और बलिदान को ध्यान में रखते हुए सरकारी सेवाओं में पांचवीं पीढ़ी तक 5 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर आवश्यक कानूनी एवं नीतिगत व्यवस्था की जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि स्वतंत्रता सेनानियों को केंद्र स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं और सम्मानों का लाभ नियमानुसार उनकी प्रथम पीढ़ी के आश्रितों तक हस्तांतरित करने की व्यवस्था प्रभावी बनाई जाए।
उन्होंने भारत सरकार की एमिनेंट कमेटी को और अधिक सशक्त बनाने, सेनानी परिवारों की प्रथम पीढ़ी के सदस्यों को भी उसमें प्रतिनिधित्व देने तथा परिवारों से संबंधित समस्याओं की समीक्षा के लिए वर्ष में कम से कम तीन राष्ट्रीय बैठकें आयोजित करने की मांग उठाई। उनके अनुसार, नियमित बैठकों और प्रभावी निगरानी से परिवारों की लंबित समस्याओं के समाधान का रास्ता प्रशस्त हो सकता है।
बिहार से 20 सदस्य राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल
संगठन विस्तार अभियान के अंतर्गत बिहार प्रदेश से 20 सदस्यों को महा परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किया गया है। यह विस्तार राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर कुमार पटेल एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा पूर्व आईपीएस अधिकारी श्री विनोद कुमार चौधरी के नेतृत्व में किया गया।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल प्रमुख पदाधिकारियों में श्रीमती बबीता चौधरी को राज्य समन्वयक, डॉ. मनीष गौतम को राज्य युवा समन्वयक तथा डॉ. ज्योत्सना को राज्य महिला समन्वयक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके अतिरिक्त श्री अरविंद कुमार ठाकुर, डॉ. शीला शर्मा, श्री पप्पू पटेल, डॉ. पीयूष कुमार, डॉ. एन. पी. पालित, श्री अमरेश कुमार, श्री सुनील कुमार, श्री अजीत पाठक, श्री रणधीर भदोरिया, श्री आशीष कुमार सिंह, श्री शिव कुमार शर्मा, श्री सागर प्रसाद, श्री राजेंद्र प्रसाद सिंह, श्री रोशन कुमार एवं श्री संजय कुमार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किया गया है।
श्री अवधेश पन्त ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि बिहार की नई टीम संगठन की विचारधारा, उद्देश्यों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि महा परिषद का उद्देश्य केवल संगठन का विस्तार करना नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास, बलिदानी परिवारों के योगदान और उनकी वर्तमान समस्याओं को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाना है। संगठन देश के विभिन्न राज्यों में सेनानी एवं शहीद परिवारों को एकजुट कर उनके सम्मान, अधिकारों और कल्याण के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा।

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