स्मृति स्तम्भ : उत्तराखण्ड के नमक सत्याग्रह की ऐतिहासिक धरोहर

संदीप गोयल\एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

देहरादून। पछवादून क्षेत्र के खाराखेत में स्थित यह स्मृति स्तम्भ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक महत्वपूर्ण अध्याय नमक सत्याग्रह की याद दिलाता है। यह स्थान देहरादून शहर से लगभग 93 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और वर्ष 1930 में यहां स्थानीय लोगों ने नमक बनाकर ब्रिटिश सरकार के नमक कानून का उल्लंघन किया था।

खाराखेत में एक छोटी जलधारा बहती है, जिसके पानी में स्वाभाविक रूप से हल्की नमकीनता पाई जाती है। इसी पानी से नमक तैयार कर स्वतंत्रता सेनानियों और स्थानीय नागरिकों ने अंग्रेजी शासन के अन्यायपूर्ण कानून का विरोध किया। यह घटना महात्मा गांधी के नेतृत्व में चल रहे देशव्यापी नमक सत्याग्रह आंदोलन का उत्तराखण्ड में एक महत्वपूर्ण प्रतीक मानी जाती है।

इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए यहां स्मृति स्तम्भ की स्थापना की गई। यह स्मारक आज भी स्वतंत्रता संग्राम के उस साहस, जनजागरण और स्वाधीनता के संकल्प का प्रतीक है, जिसने उत्तराखण्ड के लोगों की राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय भागीदारी को अमर कर दिया।

आज यह स्मृति स्तम्भ इतिहास प्रेमियों, शोधकर्ताओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है तथा नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराता है।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *