August 20, 2026

किसानों के हित में केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय से योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन : शिवराज सिंह चौहान

संदीप गोयल/एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

नई दिल्ली ,19 अगस्त। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज गुजरात और सिक्किम के कृषि मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक कर प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और कृषोन्नति योजना की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में दोनों राज्यों में कृषि क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और स्वीकृत राशि के समयबद्ध उपयोग पर चर्चा हुई।  बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा PM-RKVY और KY के अंतर्गत गुजरात को 224.94 करोड़ रु. तथा सिक्किम को 50.58 करोड़ रु. की दूसरी मदर सैंक्शन जारी करने का निर्णय लिया गया। इस प्रकार दोनों राज्यों के लिए कुल 275.52 करोड़ रु. की राशि स्वीकृत की जाएगी। यह राशि किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादकता में सुधार करने, आधुनिक कृषि तकनीक को बढ़ावा देने और खेती से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में सहायक होगी। केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के किसान हितैषी नेतृत्व में केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र को अधिक मजबूत, आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को बेहतर कृषि तकनीक, गुणवत्तापूर्ण इनपुट, सिंचाई, बागवानी, कृषि यंत्रीकरण, डिजिटल सेवाओं और बाजार से जुड़ी सुविधाओं का लाभ समय पर मिले। गुजरात के लिए स्वीकृत राशि के तहत PM-RKVY में 181.62 करोड़ रु. और कृषोन्नति योजना में 43.32 करोड़ रु. की दूसरी मदर सैंक्शन दी गई है। PM-RKVY के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं में कृषि विकास से जुड़े विभिन्न घटक शामिल हैं। इनमें कृषि संबंधी परियोजनाएं, सूक्ष्म सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण, जैविक खेती, मृदा एवं जल संरक्षण तथा कृषि-वनीकरण जैसे कार्य प्रमुख हैं।

श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि गुजरात में कृषोन्नति योजना के तहत कृषि विस्तार, पोषक अनाज एवं खाद्य सुरक्षा, बीज तथा रोपण सामग्री, बागवानी विकास, डिजिटल कृषि, तिलहन मिशन, ऑयल पाम और दलहन मिशन से जुड़े कार्यों को बढ़ावा दिया जाएगा। इन योजनाओं से किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने, उत्पादन लागत कम करने और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता तथा उत्पादकता बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान द्वारा सिक्किम के लिए PM-RKVY के तहत 47.37 करोड़ रु. तथा कृषोन्नति योजना के तहत 3.21 करोड़ रु. की दूसरी मदर सैंक्शन दी गई है। सिक्किम में इन योजनाओं के माध्यम से कृषि परियोजनाओं, सूक्ष्म सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण, मृदा एवं जल संरक्षण तथा कृषि-वनीकरण को प्रोत्साहन दिया जाएगा। राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना इन योजनाओं का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

सिक्किम में कृषोन्नति योजना के अंतर्गत कृषि विस्तार, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा, बीज, बागवानी, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, डिजिटल कृषि, तिलहन और दलहन संबंधी गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे छोटे और सीमांत किसानों को बेहतर तकनीकी मार्गदर्शन, कृषि संसाधन और उत्पादन से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। श्री चौहान ने राज्यों से कहा कि केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचे। साथ ही, स्वीकृत परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने और उनके क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का शीघ्र समाधान करने पर भी जोर दिया गया।

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय से कृषि योजनाओं का प्रभाव और अधिक बढ़ेगा। राज्यों को स्थानीय आवश्यकताओं और किसानों की प्राथमिकताओं के अनुरूप परियोजनाओं को लागू करना चाहिए ताकि योजनाओं का सीधा लाभ खेत और किसान तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि खेती को आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही है। कृषि यंत्रीकरण, सूक्ष्म सिंचाई, बागवानी, तिलहन-दलहन उत्पादन, डिजिटल तकनीक और कृषि-वनीकरण जैसे क्षेत्रों में निवेश से किसानों की आय बढ़ाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गुजरात और सिक्किम सरकारों से योजनाओं के तहत स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने तथा उनके परिणामों का मूल्यांकन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि किसानों का कल्याण केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाती रहेगी। बैठक में दोनों राज्यों के कृषि मंत्रियों, केंद्रीय कृषि मंत्रालय तथा दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

 

 

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