पंजाबी समाज का राष्ट्रीय प्रबुद्ध सम्मेलन, हरीश नारंग ने किया उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व
संदीप गोयल/एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून। पंजाबी समाज का राष्ट्रीय प्रबुद्ध सम्मेलन मेरठ के छावनी क्षेत्र स्थित होटल 22 बी में आयोजित किया गया। आयोजित पंजाबी समाज की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में सम्मिलित होने और पंजाबी समाज को पूरे भारतवर्ष में एकजुट होने के प्रयासों पर विभिन्न प्रदेशों से आये प्रतिनिधियों के प्रयासों और अनुभवों का एक मंच पर समायोजन महंत स्वामी धर्मदेव के सानिध्य एवं ओजस्वी विचारों के द्वारा सुनने का अवसर उत्तराखंड प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोपाल पुरी के साथ हरीश नारंग को मिला। इस अवसर पर हरीश नारंग द्वारा पंजाबी संगठन उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष दर्शन लाल मक्कड़ को पटका पहनाकर एवं तलवार भेंट कर उनके प्रयासों की सराहना की गई। हरीश नारंग ने नेशनल कॉन्फ्रेस आयोजित करने एव उत्तराखंड के प्रतिनिधि के रूप में आमंत्रित करने के लिये प्रदेश संयोजक ललित अरोरा एवं मेरठ महानगर अध्यक्ष पंकज जौली का आभार व्यक्त किया। सम्मेलन में देश के करीब 14 राज्यों से पंजाबी समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए। आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाज द्वारा राजनीतिक भागीदारी की मांग प्रमुखता से उठाने का निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने युवाओं को नशे से दूर रहने, अपनी भाषा, संस्कृति (पंजाबियत) को मजबूत करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। व्यापारिक हितों, शिक्षा, युवाओं के रोजगार और आपसी भाईचारे को मजबूत करने के लिए पूरे देश के पंजाबी समाज को एक मंच पर लाने पर जोर दिया गया।
समस्त पंजाबी समुदाय उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में बाउंड्री रोड स्थित 22बी होटल में राष्ट्रीय पंजाबी प्रबुद्ध सम्मेलन का आयोजन किया गया। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, गाजियाबाद, राजस्थान और पंजाब समेत विभिन्न स्थानों से पंजाबी समाज के पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। आयोजकों ने बताया कि सम्मेलन में प्रदेशभर से पंजाबी समाज के प्रबुद्ध जन, व्यापारी, समाजसेवी और युवाओं ने सहभागिता की। मुख्य अतिथि महाराज धर्मदेव ने कहा कि पंजाबी समुदाय की एकजुटता देश में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। उन्होंने समाज के लोगों से आपसी भाईचारा मजबूत करने और समाजहित में मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। सम्मेलन में समाज की एकता और भविष्य की दिशा को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
स्वामी धर्मदेव महाराज ने राष्ट्र को ताकतवर युवा पीढ़ी की आवश्यकता बताई। उन्होंने पंजाबी समाज से युवाओं को नशे से बचाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान के लिए तैयार करने का आह्वान किया।
सम्मेलन की अध्यक्षता डीएल मक्कड़ ने की, जिसमें स्वामी धर्मदेव महाराज मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम में पंजाबियों को एकजुट करने और पंजाबी भाषा, संस्कृति व पंजाबियत को मजबूत करने पर विचार-विमर्श हुआ। स्वामी धर्मदेव महाराज ने कहा कि आजादी से पूर्व भी पंजाबी भारत का अभिन्न अंग थे। उन्होंने देश की आजादी और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में तन, मन, धन से योगदान दिया। 1947 के बंटवारे के बाद पाकिस्तान से भारत आए पंजाबियों ने मेहनत, पुरुषार्थ और लगन से समाज में अपना स्थान बनाया। पंजाबी समाज देश की सुरक्षा सहित हर क्षेत्र में सक्रिय है और देश हित में कार्य कर रहा है। यह समाज मुख्य रूप से व्यापार से जुड़ा है और देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने सभी पंजाबी भाइयों से मिलजुलकर समाज और पंजाबियत को आगे बढ़ाने की अपील की। पंजाबी नेता पंकज जौली ने सभी को पहले राष्ट्र, फिर धर्म और उसके बाद जाति के सूत्र को अपनाने की बात कही। निशांत परूथी ने पंजाबियों को आपसी सहयोग से पंजाबियत की मशाल जलाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने समाज में एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय प्रबुद्ध सम्मेलन में मुख्य रूप से प्रदेश अध्यक्ष निशांत परूथी, पंकज जौली आयोजक, प्रवीण सेठी, ललित अरोड़ा संयोजक, संदीप सचदेवा, राकेश उप्पल, दीवान, अभिषेक ने अपने विचार व्यक्त किये।
कार्यक्रम में डीएल मक्कड़, राजीव मल्होत्रा, प्रदेश अध्यक्ष निशांत परूथी, डीएस सेठी, जगदीश पाहवा, संदीप सचदेवा और अनिल बाटला को तलवार भेंट कर सम्मानित किया गया। स्वामी धर्मदेव महाराज को भी समाज की ओर से तलवार भेंट कर सम्मानित किया गया। मंच संचालन प्रवीन शेट्टी और ललित अरोड़ा ने किया।कार्यक्रम में भाजपा के क्षेत्रीय महामंत्री एवं मेरठ प्रभारी अशोक मोंगा, क्षेत्रीय समिति सदस्य हरमीत बक्शी, गुरमीत साहनी, अरविंद अरोड़ा, गगन अरोड़ा, सुनील नारंग, विकास आहूजा, राधेश्याम नारंग, सुनील राजदेव, हेमंत चावला, लवनीश भाई, अतुल खुराना, रचित गुलाटी, अभिनव अरोड़ा रहे।
