एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

देहरादून। शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिवस पर आज उत्तराखंड राज्य में पारंपरिक श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ घटस्थापना (कलश स्थापना) की गई। इसी के साथ नौ दिनों तक चलने वाले पावन महापर्व की शुरुआत हो गई है, जिसमें भक्तों ने मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण इन्हें ‘शैलपुत्री’ कहा जाता है। मां का यह स्वरूप शांति, दृढ़ता और शक्ति का प्रतीक है। मां शैलपुत्री वृषभ (बैल) पर सवार हैं। उनके दाएं हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल का फूल सुशोभित है। आज के दिन मां को गाय के शुद्ध घी का भोग लगाया गया। भक्तों ने मां की कृपा पाने के लिए पीले या सफेद रंग के वस्त्र धारण कर पूजा की। आज सुबह शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापित कर नौ दिनों के व्रत और साधना का संकल्प लिया गया। कलश को ब्रह्मांड और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

उत्तराखंड राज्य में आज से शारदीय नवरात्रि का पावन महापर्व पूरी आस्था और हर्षोल्लास के साथ शुरू हो गया है। नवरात्र के प्रथम दिवस पर आज सुबह शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच घटस्थापना (कलश स्थापना) की गई। इसी के साथ भक्तों ने मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह से ही उत्तराखंड के प्रसिद्ध शक्तिपीठों और मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। शुभ मुहूर्त में कलश स्थापित कर नौ दिनों के अखंड व्रत का संकल्प लिया गया। पर्वतराज हिमालय की पुत्री मां शैलपुत्री की पूजा से भक्तों को जीवन में स्थिरता और दृढ़ता का आशीर्वाद मिलता है। सफेद वस्त्र धारण कर भक्तों ने मां को गाय के शुद्ध घी का भोग लगाया।

देवी मंदिर नैना देवी मंदिर, मनसा देवी मंदिर, चंडी देवी मंदिर, माया देवी मंदिर, धारी देवी मंदिर, सुरकंडा देवी मंदिर, कुंजापुरी देवी मंदिर, चंद्रबदनी देवी मंदिर, कासार देवी मंदिर, पूर्णागिरि देवी मंदिर, हाट कालिका मंदिर, मां संतला देवी मंदिर, मां डाट काली मंदिर, श्री कालिका माता मंदिर, मां कामाख्या देवी मंदिर, चंद्रबनी मंदिर सहित सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा और दर्शन के कड़े इंतजाम किए गए हैं। महापर्व के शुरू होते ही पूरा उत्तराखंड माता के जयकारों से गुंजायमान है और अगले नौ दिनों तक उत्सव का यह माहौल बना रहेगा।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *