केदारनाथ विकास प्राधिकरण की भवन एवं भूमि अभिलेखों के सत्यापन संबंधी कार्यवाही का रोपवे परियोजना से कोई संबंध नहीं
एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ विकास प्राधिकरण, रुद्रप्रयाग के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में निर्मित एवं निर्माणाधीन आवासीय तथा अनावासीय भवनों के मानचित्रों और संबंधित भूमि अभिलेखों के सत्यापन की कार्यवाही प्राधिकरण द्वारा की गई थी। इस संबंध में प्राधिकरण द्वारा दिनांक 31 अक्टूबर, 2025 एवं 31 अगस्त, 2026 को जारी पत्रों के माध्यम से संबंधित भवन स्वामियों से खाता-खतौनी, नकल खसरा, भू-स्वामित्व संबंधी अभिलेख तथा मानचित्र स्वीकृति से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है। यह कार्यवाही उत्तराखंड नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 तथा लागू भवन निर्माण एवं विकास उपविधि/विनियम, 2011 (संशोधन 2015) एवं समय-समय पर संशोधित प्रावधानों के अनुरूप, प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आने वाले भवनों एवं भूमि से संबंधित अभिलेखों के सत्यापन के उद्देश्य से की गई थी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केदारनाथ विकास प्राधिकरण द्वारा जारी उक्त नोटिसों का प्रस्तावित रोपवे परियोजना से कोई संबंध नहीं है। इन पत्रों का उद्देश्य केवल संबंधित भूमि एवं भवनों के अभिलेखों और मानचित्र स्वीकृति संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन करना है। अतः इन नोटिसों को रोपवे परियोजना से जोड़कर प्रस्तुत करना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं है। जिला प्रशासन ने मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से प्रकरण से संबंधित वीडियो प्रसारित करने वालों से अपील की है कि वास्तविक तथ्यों एवं आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही समाचार प्रसारित किए जाएं तथा प्राधिकरण की अभिलेख सत्यापन संबंधी नियमित कार्यवाही को किसी अन्य परियोजना से जोड़कर प्रस्तुत न किया जाए। अतः जनसामान्य से अपील है कि उक्त प्रकरण की वास्तविक स्थिति से अवगत रहें तथा तथ्यों के संबंध में किसी भी प्रकार की भ्रामक धारणा से दूर रहें।
