अमर शहीद क्रांतिकारी अशफाक उल्ला खां की जयंती मनाई
एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून/बहराइच 22 अक्टूबर। आज स्थानीय सेनानी भवन सभागार में अमर शहीद क्रांतिकारी अशफाक उल्ला खां की जयंती मनाई गई। सेनानी उत्तराधिकारियों ने उन्हें स्वतंत्रता संग्राम का महान योद्धा बताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन राज्य इकाई उत्तर प्रदेश के कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने बताया कि अशफाक उल्ला खां का जन्म 22 अक्टूबर 1900 को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में हुआ था । उर्दू कविता में उनका उपनाम कसरत था और काकोरी ट्रेन एक्शन में उन्हें कुमार जी के नाम से जाना गया, उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई और हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के सह संस्थापक सदस्य रहे। महान स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ साथ उनकी मित्रता महान क्रांतिकारी अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल से थी, जो हिन्दू मुस्लिम एकता का प्रतीक माना जाता है। जिला इकाई बहराइच, श्रावस्ती संगठन संरक्षक एवं पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी ने कहा कि 9 अगस्त 1925 को राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, ठाकुर रोशन सिंह और राजेंद्र नाथ लाहिड़ी ने लखनऊ के पास काकोरी ट्रेन एक्शन में अंग्रेजों का सरकारी खजाने को लूटा था। इस एक्शन के बाद वे भूमिगत रहे, लेकिन बाद में दिल्ली में एक मित्र के विश्वास घात के कारण गिरफ्तार कर लिए गए। अंग्रेजों द्वारा मुकदमा चला कर उन्हें 19 दिसम्बर 1927 को फैजाबाद जेल में फांसी दी गई।जेलर द्वारा उनकी आखिरी इच्छा पूछने पर उन्होंने कहा था “कोई आरज़ू नहीं है बस आरज़ू है इतनी,रख दे जरा सा कोई ख़ाके वतन कफ़न में।”27 वर्ष की आयु में इस महान क्रांतिकारी ने देश के लिए अपने प्राणों को उत्सर्ग कर हजारों युवाओं को भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन में शामिल होने का मार्ग प्रशस्त किया। उपस्थित सभी देश भक्त जनों ने उनकी वतन परस्ती और देश भक्ति के जज्बे को सलाम करते हुए कार्यक्रम समाप्त किया। कार्यक्रम में आशुतोष मिश्रा, शक्तिकांत, रामेंद्र, अंजनी अवस्थी, मोहर्रम अली हाशमी सहित तमाम देश भक्त मौजूद रहे। रमेश कुमार मिश्र, सेनानी भवन बहराइच।
