विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के दृष्टिगत 23 अक्टूबर से ईवीएम एवं वीवीपैट की होगी प्रथम स्तरीय जांच
एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
रुद्रप्रयाग। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड राज्य में आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत जनपद रुद्रप्रयाग में 23 अक्टूबर से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) एवं वोटर वेरिफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) प्रारंभ की जाएगी। यह कार्य इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) के अधिकृत इंजीनियरों द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी की देखरेख में संपादित किया जाएगा।
जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि एफएलसी की प्रक्रिया बहुउद्देशीय क्रीड़ा भवन, अगस्त्यमुनि स्थित ईवीएम एवं वीवीपैट वेयरहाउस में 23 अक्टूबर से कार्य की समाप्ति तक प्रतिदिन प्रातः 9:00 बजे से सायं 7:00 बजे तक संचालित की जाएगी। यह प्रक्रिया रविवार एवं अन्य सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी जारी रहेगी। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप एफएलसी के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं।उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार लोकसभा एवं विधानसभा के सामान्य तथा उप निर्वाचन में केवल उन्हीं ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों का उपयोग किया जाता है, जिन्हें प्रथम स्तरीय जांच में प्रमाणित किया गया हो। एफएलसी के माध्यम से मशीनों की कार्यक्षमता एवं विश्वसनीयता की जांच की जाती है। इस प्रक्रिया की निगरानी जिला निर्वाचन अधिकारी के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी तथा भारत निर्वाचन आयोग के स्तर से भी की जाती है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एफएलसी प्रक्रिया के दौरान मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए संबंधित दलों के जिलाध्यक्ष, महासचिव, महामंत्री एवं सचिव को पूर्व में पत्रों तथा बैठकों के माध्यम से अनुरोध किया जा चुका है। इस संबंध में 22 सितंबर एवं 21 अक्टूबर को आयोजित बैठकों सहित संबंधित पत्राचार के माध्यम से राजनीतिक दलों को प्रक्रिया का साक्षी बनने के लिए अपने प्रतिनिधियों को अधिकृत करने हेतु अवगत कराया गया है। संबंधित पत्रों की प्रतियां राजनीतिक दलों के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों को भी सूचनार्थ प्रेषित की गई हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों से पुनः अनुरोध किया है कि वे एफएलसी प्रक्रिया का साक्षी बनने के लिए अपने अधिकृत प्रतिनिधियों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भेजना सुनिश्चित करें तथा निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता बनाए रखने में अपना सहयोग प्रदान करें।
