राज्यपाल ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के तहत आयोजित स्थापना दिवस समारोह में किया प्रतिभाग
एसकेएम न्यूज़ सर्विस
देहरादून 31 अक्टूबर। राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने शनिवार को लोक भवन में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ अभियान के अंतर्गत विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख के स्थापना दिवस तथा 1 नवंबर को स्थापना दिवस मनाने वाले राज्यों मध्य प्रदेश, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, हरियाणा, पंजाब, केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, दिल्ली, चंडीगढ़, पुडुचेरी, लक्षद्वीप और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्रीय एकता की शपथ भी ली। राज्यपाल ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी विविधता में निहित एकता है। देश में भाषाएं, परंपराएं और संस्कृतियां अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन हमारी मातृभूमि और राष्ट्रीय संकल्प एक हैं। विविधता हमारी पहचान है, एकता हमारी शक्ति है और राष्ट्रभक्ति हम सभी को एक सूत्र में बांधती है। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और कुशल नेतृत्व से अनेक रियासतों को भारतीय संघ में सम्मिलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जीवन हमें सिखाता है कि राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखते हुए दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति से बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ अभियान देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के लोगों को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं और विरासत को जानने-समझने का अवसर प्रदान कर रहा है। यह अभियान सांस्कृतिक आदान-प्रदान, आपसी विश्वास और पारस्परिक सद्भाव को बढ़ावा देने के साथ ही राष्ट्रीय एकता को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राज्यपाल ने सभी से आह्वान किया कि वे अपने प्रदेश की प्रगति के साथ-साथ राष्ट्र की उन्नति को भी सर्वाेच्च प्राथमिकता दें। सभी भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं का सम्मान करते हुए आपसी सद्भाव और आत्मीयता को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि हमें मिलकर ऐसे भारत के निर्माण में योगदान देना है, जहां विविधता हमारी कमजोरी नहीं, बल्कि हमारी ताकत बने और विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों की संस्कृति, लोक परंपराओं और विरासत पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव श्री राज्यपाल श्री रविनाथ रामन, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, डॉ. श्रीधर बाबू अदांकी, श्री सी. रविशंकर, अपर सचिव श्रीमती रीना जोशी सहित सम्बन्धित प्रदेशों के अतिथिगण, लोक भवन के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
