May 9, 2026

हमें भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टिकरण की तीन बुराइयों के विरुद्ध पूरी शक्ति से लड़ना होगा: प्रधानमंत्री

संदीप गोयल/एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

नई दिल्ली, 15 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित किया। श्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “अगर सपनों को पूरा करना है, संकल्पों को सिद्ध करना है, तो भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टिकरण, हमें इन तीन बुराइयों के खिलाफ पूरे सामर्थ्य के साथ लड़ना होगा। यही समय की मांग है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहली बुराई भ्रष्टाचार है जो हमारे देश की सभी समस्याओं की जड़ में है। श्री मोदी ने कहा, “भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए हर क्षेत्र और हर सेक्टर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई समय की मांग है और मेरे देशवासियों, मेरे प्यारे परिवारजनों, ये मोदी की प्रतिबद्धता है; यह मेरी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता है कि मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना जारी रखूंगा।”

दूसरी, वंशवादी राजनीति ने हमारे देश को नष्ट कर दिया है। उन्होंने आगे कहा, “इस वंशवादी व्यवस्था ने देश को जकड़ लिया था और देश के लोगों के अधिकार छीन लिए थे।”

श्री मोदी ने जोर देकर कहा कि तीसरी बुराई तुष्टिकरण है। उन्होंने कहा, “इस तुष्टिकरण ने देश की मूल सोच, हमारे समरस राष्ट्रीय चरित्र पर भी दाग लगाया है। इन लोगों ने सब कुछ नष्ट कर दिया, और इसलिए, हमें इन तीन बुराइयों के विरुद्ध अपनी पूरी शक्ति से लड़ना होगा। भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टिकरण; ये चुनौतियां पनपीं जिन्होंने हमारे देश के लोगों की आकांक्षाओं को दबा दिया।”

उन्होंने कहा, ये बुराइयां हमारे देश में कुछ लोगों की जो भी क्षमताएं हैं उन्हें छीन लेती हैं। श्री मोदी ने कहा, “ये वो चीजें हैं जो हमारे लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं पर सवालिया निशान लगाती हैं। हमारे गरीब हों, चाहे दलित हों, चाहे पिछड़े हों, चाहे पसमांदा समुदाय हों, चाहे हमारे जनजातीय भाई-बहन हों, चाहे हमारी माताएं-बहनें हों, हम सबको अपने अधिकारों के लिए इन तीन बुराइयों से छुटकारा पाना होगा।”

प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार की समस्या पर प्रहार करते हुए कहा, ”हमें भ्रष्टाचार के प्रति विरोध का माहौल बनाना चाहिए। सार्वजनिक जीवन में इससे बड़ी गंदगी कोई नहीं हो सकती।” प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग की बात कही। उन्होंने बताया कि कैसे 10 करोड़ फर्जी लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से हटाया गया और वित्तीय अपराध करने वाले भगोड़ों की 20 गुना अधिक संपत्ति जब्त की गई।

प्रधानमंत्री ने परिवारवाद और वंशवाद के संबंध में अफसोस व्यक्त करते हुए कहा कि वंशवादी राजनीतिक दल परिवार के, परिवार द्वारा और परिवार के लिए हैं और इससे प्रतिभा समाप्त हो जाती है। उन्होंने कहा, “यह आवश्यक है कि लोकतंत्र को इस बुराई से छुटकारा मिले।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी प्रकार तुष्टिकरण ने सामाजिक न्याय को बहुत हानि पहुंचाई है। श्री मोदी ने कहा, “तुष्टिकरण की इस सोच और राजनीति ने, तुष्टिकरण के लिए सरकारी योजनाओं की पद्धति ने, सामाजिक न्याय को खत्म कर दिया है और इसीलिए हम पाते हैं कि तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार विकास के सबसे बड़े दुश्मन हैं। अगर देश विकास चाहता है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत का सपना पूरा करना चाहता है तो हमारे लिए आवश्यक है कि हम देश में भ्रष्टाचार को किसी भी हालत में बर्दाश्त न करें, इसी भावना के साथ हमें आगे बढ़ना है।”

 

 

 

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