September 16, 2026

एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

देहरादून 02 सितम्बर। परम पूज्य संस्कार प्रणेता, ज्ञानयोगी आचार्य श्री 108 सौरभ सागर महाराज के मंगल सान्निध्य में आज दसलक्षण पर्व के अंतर्गत  स्वयंभू चौबीसी महामंडल विधान, उत्तम संयम धर्म की आराधना एवं सुगंध दशमी (धूप दशमी) पर्व का आयोजन भक्ति भाव से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान की पूजा-अर्चना से हुई। इसके पश्चात पूज्य आचार्य श्री सौरभ सागर ने संयम धर्म पर प्रवचन देते हुए कहा, “जब जीव अपने उपयोग को पर-पदार्थों से हटाकर आत्मा की ओर केंद्रित करता है, तब वह उत्तम संयम कहलाता है। संयम जीवन की सबसे कठिन, परन्तु श्रेष्ठ साधना है। राग, द्वेष, कषाय, मिथ्यात्व जैसे भावों का त्याग कर, इंद्रिय विषयों पर नियंत्रण रखना ही संयम की सच्ची साधना है।” मंदिर परिसर में भक्तों द्वारा सुगंध दशमी के अवसर पर धूप खेवन की परंपरा निभाई गई। यह पर्व भाद्रपद शुक्ल दशमी को मनाया जाता है और इसे धूप दशमी या धूप खेवन पर्व भी कहा जाता है। इस दिन श्रद्धालु मंदिरों में जाकर श्रीजी के चरणों में धूप अर्पित करते हैं, जिससे वायुमंडल सुगंधित और पवित्र हो जाता है। इस पर्व का विशेष महत्त्व दिगंबर जैन धर्म में बताया गया है। महिलाएं इस व्रत को श्रद्धा से करती हैं और मान्यता है कि इससे अशुभ कर्मों की निर्जरा होकर पुण्य की प्राप्ति तथा मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। साथ ही सांसारिक दृष्टि से उत्तम स्वास्थ्य और सुंदर शरीर की प्राप्ति भी इसका फल बताया गया है।

संध्याकाल में दिगंबर जैन महासमिति द्वारा धार्मिक वेष-भूषा आधारित फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छोटे-छोटे बच्चों ने अत्यंत भावपूर्ण प्रस्तुतियाँ दीं। बच्चों ने मैना सुंदरी, राजुल और रानी चेलना जैसे धार्मिक पात्रों का सजीव अभिनय कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में प्रश्न मंच के माध्यम से धार्मिक प्रश्न पूछे गए और सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। निर्णायक मंडल में डॉ. शुभी गुप्ता (प्रिंसिपल, वर्णी जैन इंटर कॉलेज) एवं वीरांगना ममलेश जैन शामिल रहीं। प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती मंजू जैन (मंत्री) एवं श्रीमती प्रीति जैन ने किया। आयोजन में श्रीमती शेफाली जैन, श्रीमती बबिता जैन, श्रीमती संगीता जैन तथा महासमिति की महिला इकाई की सभी सदस्याओं का सराहनीय योगदान रहा। इस शुभ अवसर पर समाज के अनेक गणमान्य एवं वरिष्ठ सदस्य, पुष्य वर्षायोग समिति एवं उत्सव समिति के पदाधिकारी तथा सदस्यगण उपस्थित रहे।

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *