मानसिक समस्या पर खुलकर बात करने पर दिया जोर

एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

रूद्रप्रयाग। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के मौके पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मानसिक अवसाद से बचने के लिए मानसिक समस्याओं पर खुलकर बात करने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर मानसिक स्वास्थ्य पर आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में मौली भट्ट अव्वल रही। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. राम प्रकाश के निर्देशन में राजकीय महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में आयोजित कार्यक्रम में डा. दीपाली नौटियाल ने मानसिक रोग के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। कहा कि मानसिक रोग किसी को भी हो सकता है, समय पर पहचान कर मानसिक रोग का इलाज संभव है। बताया कि इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अकेले में रहने लगना, थकावट, उलझन, बेचेनी, घबराहट, अत्याधिक चिंता या डर, आवेग में नियंत्रण में कमी होना, रोगी कई चिकित्सकों से उपचार कराने के बाद भी कई बार जांच को सामान्य पाकर असंतुष्ट रहना, असामान्य  रूप से हंसना या रोना, कुछ ऐसी आवाज सुनाई देते हैं या आकृति दिखाई देते हैं जो अन्य को महसूस नहीं होती आदि मानसिक रोग के लक्षण हैं। उन्होंने कहा कि कुछ सप्ताह से अधिक समय तक यह लक्षण बने रहे तो उस व्यक्ति को मानसिक रोग हो सकता है, कहा कि समय पर उपचार एवं दवा के सहारे मानसिक रोग का इलाज किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को अत्याधिक एवं अनियंत्रित इंटरनेट का उपयोग न करने की हिदायत दी, कहा कि इससे अनिंद्रा एवं गर्दन से जुड़ी बीमारी, पढाई-लिखाई से रूचि हटना, रिश्तों में तनाव, उदासी, चिंता आदि समस्याएं पेश आ सकती हैं। अधिवक्ता यशोदा खत्री द्वारा मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कानूनी पहलुओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। प्राचार्य डा. सीताराम नैथानी ने छात्र-छात्राओं को जीवन की हरेक प्रतिस्पर्धा को स्वस्थ दृष्टिकोण से देखने के लिए प्रोत्साहित किया। कहा कि प्रतिस्पर्धा के दौर में छात्र कई बार तनावग्रस्त हो जाते है, जिससे बचने के लिए उन्हें औरों के बजाए स्वयं से प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए, इससे निरंतर विकास की संभावना बनती है, वहीं मानसिक अवसाद से बचा जा सकता है। राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डा. विष्णु कुमार, सह प्रभारी डा. तनुजा मौर्य ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर विशेष रूप से जागरूक होने की आवश्यकता है। राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्रों ने अपने विचार रखते हुए मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुलकर बात करने पर जोर दिया। इस अवसर पर मानसिक स्वास्थ्य को लेकर आयोजित पोस्टर स्पर्धा में मौली भट्ट ने प्रथम, अनामिका ने द्वितीय व प्रभात ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, विजेता प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर डा. दिलीप बिष्ट, छात्र संघ अध्यक्ष प्रियांशु मोहन, उपाध्यक्ष अभिषेक आर्य, एनएसएस कमांडर प्रभात, काउंसलर आरकेएसके विपिन सेमवाल,डीसी आईईसी हरेंद्र सिंह नेगी, मूल्यांकन व निगरानी अधिकारी नागेश्वर बगवाड़ी, सोशल वर्कर एनटीसीपी दिगपाल कंडारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से योगेन्द्र सिंह रावत आदि मौजूद रहे।

तंबाकू निषेध की ली शपथ :-

एनएचएम के तत्वावधान में गत 09 अक्टूबर से चल रहे टोबेको फ्री यूथ कैंपेन 3.0 के तहत राजकीय महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में छात्रों ने तंबाकू निषेध की शपथ ली। प्राचार्य डा0 सीताराम नैथानी, डा0 दीपाली नौटियाल  ने तंबाकु के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए तंबाकू का सेवन करने वालों में जागरूकता लाने के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की। अभियान के तहत तंबाकू के दुष्प्रभाव व बचाव विषय पर आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में दिव्यांशु ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

 

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