दुनिया का कोई सवाल ऐसा नहीं जिसका जवाब गुरुग्रंथ साहेब में नहीं : सूर्यकांत धस्माना

एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

देहरादून। सिखों के सबसे पवित्र ग्रंथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाश पर्व ग़ुर्ता गद्दी दिवस पर पश्चिम पटेलनगर संजय कालोनी स्थित भाई लख्खी शाह गुरुद्वारे में गुरुद्वारा शीश गंज दिल्ली के हैड ग्रंथि भाई हरनाम सिंह जी ने गुरु ग्रंथ साहिब के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज ने सभी सिखों को यह आज्ञा जारी करी कि मेरे बाद कोई शरीर धारी गुरु सिख पंथ में नहीं होगा और सभी सिख श्री गुरु ग्रंथ साहिब को ही जीवित गुरु के रूप में मानेंगे और उनकी आज्ञा का पालन करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना का गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा गुरु का सिरोपा भेंट कर स्वागत किया गया व उनको स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। श्री धस्माना ने कहा कि सिख पंथ का इतिहास केवल साढ़े पांच सौ साल का है लेकिन पूरी दुनिया में जितने धर्म या पंथ हैं उनमें धर्म और कौम के लिए जितने बलिदान और कुर्बानियां सिख पंथ के मानने वालों ने दीं उतनी किसी धर्म में नहीं मिल सकती। श्री धस्माना ने कहा कि देश धर्म और कौम के लिए कुर्बानियां देने की प्रेरणा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जैसे अद्भुत ग्रंथ से मिलती हैं जिसमें दुनिया के हर प्रश्न का उत्तर है। श्री धस्माना ने कहा कि अगर हम अपने धार्मिक ग्रंथों में लिखी हुई बातों के एक प्रतिशत अंश को भी अपने जीवन में उतार लें तो हमारा जीवन धन्य हो जाए लेकिन आज समाज में सबसे बड़ी समस्या यह है कि हम जिन अपने इष्ट देवी देवता गुरु को मानते हैं हम उनकी बातों को नहीं मानते व उनके बताए मार्ग पर चलने का काम नहीं करते । श्री धस्माना ने कहा कि अगर हमारी सच्ची आस्था श्रद्धा अपने गुरु अपने भगवान अपने इष्ट के प्रति है तो बजाय ढोंग प्रपंच और दिखावा करने के सबसे पहले हमको उनके बताए रस्ते पर चलने का संकल्प लेना चाहिए तभी हमको उनका आशीर्वाद मिलेगा। इस अवसर पर प्रसिद्द रागी श्री राय सिंह जी ने शब्द कीर्तन गा कर संगतों को निहाल किया। प्रबंधक कमेटी ने अल्प संख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष सरदार नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा को भी सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार रविन्द्र सिंह, उप प्रधान सरदार रवि , सरदार  देवेंद्र सिंह, सरदार जरनैल सिंह, सरदार ओम प्रकाश राठौर, सरदार सोहन सिंह और क्षेत्र की संगतें उपस्थित रहीं।

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