अंकिता भंडारी की हत्या की साजिश में शामिल वीआईपी पर भाजपा मौन क्यों : सूर्यकांत धस्माना
संदीप गोयल/एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून, 31 दिसंबर। उत्तराखंड की सरकार को अपने अभियोजन विभाग को अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्यायालय से अग्रिम विवेचना करने के लिए प्रार्थना पत्र देने का निर्देश देना चाहिए और तत्काल उक्त विवेचना के लिए केंद्र सरकार को सीबीआई जांच की संस्तुति कर केंद्र सरकार से इस पर तत्काल सीबीआई जांच के आदेश निर्गत करने का बल पूर्वक आग्रह करना चाहिए।
यह बात आज उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने गांधी पार्क में वर्ष के अंतिम दिन प्रदेश भर में एक दिया अंकिता के नाम कार्यक्रम में गांधी पार्क में जुटे कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला सनोहर राठौर द्वारा किए गए वीआईपी के नाम के खुलासे के बाद यह आवश्यक हो गया है कि अंकिता के स्वयं के उस बयान की जांच हो जो उसने अपनी चैट में अपने मित्र को साझा किया था जिसमें किसी वीआईपी गेस्ट को एक्स्ट्रा सेवाएं देने के दबाव का स्पष्ट रूप से जिक्र किया था।
श्री धस्माना ने कहा कि इस एक्स्ट्रा सेवाएं ना देने का कारण ही अंकिता की मौत की वजह बना था इसलिए इस पूरे हत्या कांड उसके पीछे की वजह व वीआईपी की सही पहचान तभी खुल सकती है जब मामले की अग्रिम विवेचना हो । श्री धस्माना ने कहा कि कानूनी रूप से यह संभव है कि अगर इतने गंभीर मामले में कोई नए तथ्य सामने आए हैं तो उनकी अग्रिम विवेचना हो सकती है।
श्री धस्माना ने कहा कि आज जब पूरा प्रदेश यह मांग कर रहा है कि अंकिता की मौत के लिए जिम्मेदार वीआईपी का पता लगा कर उसे सजा दी जाए तो सरकार व भाजपा क्यों सीबीआई की जांच से घबरा रही है।
