प्रणव हर्षित की दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से निकाला कैंडल मार्च
एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून, 12 जनवरी। खुडबुड़ा मोहल्ला देहरादून निवासी युवक प्रणव हर्षित की दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि देने के लिए कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें स्थानीय नागरिक, वाल्मीकि समाज के लोग और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। यह मार्च मौन रहकर और प्रार्थना करके संपन्न हुआ। इस अवसर पर दिवंगत युवक के गुणों को याद किया गया और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि देने के उपरांत सर्वेक्षण कमेटी के सदस्य जयपाल वाल्मीकि ने आरोप लगाया की प्रणव हर्षित मामले मे थाना पटेल नगर पुलिस की लापरवाही देखने को मिली हैं, पुलिस ने मृतक के परिवार की तहरीर तक नहीं ली और रिपोर्ट दर्ज करने से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने कहा की इस मामले मे लापरवाह पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्यवाही होनी चाहिये।
सर्वेक्षण कमेटी के सदस्य जयपाल वाल्मीकि ने बताया की अनिल कुमार निवासी 494 खुडबुड़ा मोहल्ला देहरादून के छोटे पुत्र प्रणव हर्षित की विगत 3 जनवरी 2026 को संदिग्ध परिस्थितियो मे मृत्यु हो गई थी। उन्होंने बताया की प्रणव के परिजन इसकी रिपोर्ट लिखाने थाना पटेल नगर पहुंचे जहां पुलिस ने तहरीर लेने से मना कर दिया। प्रणव के परिजन ने बहुत प्रयास किया कि उनकी रिपोर्ट लिखी जाए और घटना की जांच कराई जाए। जांच में जो दोषी पाया जाए उसकी गिरफ्तारी हो और उसको सजा हो। परंतु थाना पुलिस ने इस मामले पर लीपापोती की, किसी प्रकार की कोई जांच नहीं की गई और ना ही रिपोर्ट दर्ज की।
मृतक के पिता अनिल कुमार हताश होकर घर लौट आए और अपने वाल्मीकि समाज के नेताओं को सूचित किया, जिसमें जयपाल वाल्मीकि एससी एसटी सब प्लान कमेटी के मेंबर उत्तराखंड सरकार भी आए और उन्होंने अगले दिन पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर उन्हे घटना की जानकारी प्रदान की। पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच सीओ सदर को सौंपी हैं।
आज इस प्रकरण में वाल्मीकि समाज के तमाम युवा, वृद्ध, महिलाएं, बच्चे प्रणव की दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से मृतक प्रणव के निवास से कावली रोड होते हुए सहारनपुर चौक पर कैंडल मार्च निकाला। मृतक की दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। वाल्मीकि समाज के तमाम लोगों ने एलान किया की पुलिस प्रशासन द्वारा उक्त प्रकरण में किसी प्रकार के संतोषजनक पूर्ण कार्रवाई नहीं की गई, तो देहरादून का वाल्मीकि समाज सड़कों पर उतरकर पुलिस प्रशासन का विरोध करेगा।
