ऊर्जा दक्ष भवनों की दिशा में उत्तराखंड का बड़ा कदम, ECSBC-2024 पर प्रशिक्षण
देहरादून, 19 जनवरी। उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (UREDA) द्वारा ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE), भारत सरकार के सहयोग से ऊर्जा संरक्षण एवं सत्त भवन संहिता (ECSBC-2024) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु राज्यभर में जागरूकता एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों की एक व्यापक योजना संचालित की जा रही है। यह संपूर्ण योजना मेहरबान सिंह बिष्ट, निदेशक, उरेडा की कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश स्तर पर क्रियान्वित की जा रही है। इसी क्रम में (इंटीग्रेटिव बिल्डिंग डिजाइन, ऊर्जा एवं डे-लाइट सिमुलशने) विषय पर दो दिवसीय टाइप-बी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 19 एवं 20 जनवरी, 2026 को होटल ग्रैंड लेगेसी बीकन, सहारनपुर रोड, सेवला कलां, माजरा, देहरादून में सफलतापूर्वक किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न भवन निर्माण से संबंधित विभागों के अभियंता, वास्तुविद, नगरीय निकायों के अधिकारी, निजी क्षेत्र के अभियंता, वास्तुविद एवं भवन डिजाइन से जुडे अन्य पेशेवरों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ECSBC-C (वाणिज्यिक) एवं ECSBC-R (आवासीय) के प्रावधानों, अनुपालन प्रक्रिया, ऊर्जा दक्ष भवन डिजाइन, डे-लाइट सिमुलेशन तथा एकीकृत भवन डिजाइन (Integrative Building Design) के तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उल्लेखनीय हैं किBEE, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2024 में प्रकाशित ECSBC-2024 को राज्य में प्रभावी रूप से लागू करने के उद्देश्य से उरेडा द्वारा अब तक प्रदेश में कुल 7 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से विभिन्न शासकीय विभागों एवं निजी क्षेत्र से जुड़े अभियंताओं एवं वास्तुविदों को ऊर्जा दक्ष एवं सतत भवन निर्माण के प्रति जागरूक किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उडेगा के मुख्य परियोंजना अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि UREDA द्वारा BEE के सहयोग से एक Super ECBC Demonstration Building राज्य स्तरीय पार्क में निर्माण प्रस्तावित हैं, जिससे प्रदेश में ऊर्जा दक्ष एवं सतत् भवन निर्माण के एक मॉडल (Demonstration Project) विकसित हो सकेगा। यह भवन भविष्य में प्रदेश के अभियंताओं, वास्तुविदों एव भवन निर्माण से जुड़े पेशेवरों के लिए एक प्रत्यक्ष उदाहरण (Live Demonstration) के रूप में कार्य करेगा। कार्यक्रम में दिल्ली से आमंत्रित बीईई प्रमाणित मास्टर ट्रनेर मो- आबू तल्हा फारूखी एवं मरियम जाकिया द्वारा तकनीकी प्रक्षिक्षण के साथ-साथ यह जानकारी भी दी गई कि ECSBC को अपनाने से भवनों की ऊर्जा खपत में लगभग 30-40 प्रतिशत तक की बचत संभव है, जिससे न केवल भवन स्वामियों की ऊर्जा लागत में कमी आएगी, बल्कि राज्य में विद्युत मांग एवं आपूर्ति के अंतर को कम करने, कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने एवं पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उरेडा द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि BEE के सहयोग से निदेशक UREDA के मार्ग दर्शन में भविष्य में भी इस प्रकार के जिला एवं प्रदेश स्तर पर ECSBC-2024 आधारित प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि उत्तराखंड राज्य को ऊर्जा दक्ष एवं सत्त भवन निर्माण की दिशा में अग्रणी राज्य बनाया जा सके। कार्यक्रम में उरेडा के मनोज कुमार, मुख्य परियोजना अधिकारी, रॉकी कुमार, उप-मुख्य परियोजना
अधिकारी के अतिरिक्त PWD, UJVNL, PTCUL, RWD, UUSDA, GMVN, MI, MDDA, BRIDCUL, BSNL, SIDCUL, UHDA, TCPA, Nagar Nigam के अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
