मां चंडिका की डोली ने पारंपरिक मार्ग से किया अगस्त्यमुनि सैंण स्थित गद्दीस्थल में प्रवेश

संदीप गोयल/एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
रुद्रप्रयाग, 26 जनवरी। आज मां चंडिका की डोली द्वारा अगस्त्यमुनि सैंण स्थित गद्दीस्थल में पूर्व वर्षों की भांति पारंपरिक मार्ग से विधिवत प्रवेश किया गया। माता चण्डिका द्वारा परंपरागत मार्ग का चयन करना यह स्पष्ट करता है कि परंपरागत यात्रा मार्ग पूरी तरह सुगम, स्वच्छ एवं उपयोग योग्य है। उल्लेखनीय है कि 15 जनवरी 2026 को महर्षि अगस्त्य मुनि महाराज की देवरा यात्रा के दौरान कुछ तत्वों द्वारा यह भ्रामक प्रचारित किया गया था कि परंपरागत मार्ग अवरुद्ध एवं अनुपयोगी है। इसी आधार पर डोली को क्रीड़ा भवन अगस्त्यमुनि के मुख्य द्वार से ले जाने का दबाव बनाया गया, जिसके दौरान मुख्य गेट को क्षति पहुंचाई गई तथा नेशनल हाईवे-107 पर यातायात भी बाधित हुआ।
मां चंडिका की डोली द्वारा उसी परंपरागत मार्ग का सफलतापूर्वक उपयोग किया जाना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि 15 जनवरी को परंपरा या व्यवस्था का नहीं, बल्कि जानबूझकर अव्यवस्था उत्पन्न करने का प्रयास किया गया था। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि क्रीड़ा भवन के मुख्य गेट को तोड़ा जाना पूर्वनियोजित कृत्य था। जिला प्रशासन द्वारा इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित व्यक्तियों की पहचान कर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें तथा धार्मिक परंपराओं की गरिमा एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें।

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