February 22, 2026

इंदिरा मार्केट, आढ़त बाजार और मल्टी लेवल कार पार्किंग से मिलेगी नई मजबूती : डॉ. आर. राजेश कुमार

संदीप गोयल/एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में देहरादून शहर को सुनियोजित, आधुनिक एवं सुव्यवस्थित स्वरूप देने के उद्देश्य से मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा संचालित प्रमुख परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि शहरी आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया जाए तथा यातायात, पार्किंग और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। इसी क्रम में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार लगातार विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं तथा समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता और समय सीमा की निगरानी कर रहे हैं। आज आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की तीन अति महत्वपूर्ण परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।

इंदिरा मार्केट पुर्नविकास परियोजना :- इंदिरा मार्केट एवं टैक्सी स्टैंड क्षेत्र के प्रभावित दुकानदारों को एक  सुव्यवस्थित और आधुनिक मार्केट में स्थानांतरित किए जाने हेतु यह परियोजना संचालित की जा रही है। परियोजना के प्रथम चरण का कार्य प्रगति पर है। वर्तमान में C एवं D ब्लॉक में दो तल का बेसमेंट निर्माण पूर्ण किया जा चुका है तथा शीर्ष तल का निर्माण कार्य गतिमान है। परियोजना के अंतर्गत तीन तल के बेसमेंट का प्रावधान करते हुए कुल 1050 कार पार्किंग की व्यवस्था की गई है। बेसमेंट निर्माण पूर्ण होने के उपरांत दुकानों का निर्माण कार्य किया जाएगा। परियोजना को दिसंबर माह तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि प्रभावित दुकानदारों को शीघ्र दुकानों का आवंटन किया जा सके। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों तथा निर्धारित समयसीमा के अनुरूप कार्य पूर्ण करने के संबंध में विशेष निर्देश दिए गए।

आढ़त बाजार परियोजना :- देहरादून शहर के केंद्र में तहसील चौक से सहसपुर चौक के मध्य स्थित सड़क को 24 मीटर चौड़ी व्यवस्थित सड़क के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। वर्तमान में सड़क की चौड़ाई 16 से 18 मीटर होने के कारण यातायात जाम की समस्या बनी रहती है। इस समस्या के समाधान हेतु हरिद्वार बाइपास पर लगभग 7.7 हेक्टेयर भूमि पर नवीन आढ़त बाजार विकसित किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों की मंडियों हेतु सुव्यवस्थित लेआउट तैयार कर निर्माण कार्य प्रगति पर है।व्यवसायियों एवं आमजन की सुविधा हेतु लगभग 650 वाहनों की क्षमता वाली मल्टी लेवल कार पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त वेयरहाउस, कार्यालय, ओवरहेड वाटर टैंक, एसटीपी (STP), पार्क एवं अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण किया जाए।

मल्टी लेवल कार पार्किंग, तहसील परिसर :- पलटन बाजार एवं तहसील चौक क्षेत्र में पार्किंग की समस्या को दृष्टिगत रखते हुए नवीन तहसील कार्यालय के साथ मल्टी लेवल कार पार्किंग का निर्माण प्रस्तावित है। इस संबंध में दरबार साहिब से वार्ता की प्रक्रिया प्रचलित है। उक्त स्थल पर आधुनिक तहसील कार्यालय के साथ लगभग 1000 वाहनों की पार्किंग सुविधा विकसित करने का प्रस्ताव है। परियोजना की जटिलता को देखते हुए सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वार्ता प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण कर परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।

निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार, अपर अभियंता नवीन चंद्र जुनेजा, नज़ीर अहमद, वास्तुविद प्रशांत नौटियाल एवं परियोजना निदेशक निर्माण इकाई सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को परियोजनाओं में गति लाने तथा मानकों के अनुरूप समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में देहरादून शहर के समग्र एवं संतुलित विकास के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईसी रोड मार्केट, आढ़त बाजार एवं मल्टी लेवल कार पार्किंग जैसी परियोजनाएं शहर की यातायात व्यवस्था, व्यापारिक गतिविधियों और आमजन की सुविधाओं को सुदृढ़ करेंगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप एवं निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएं। परियोजनाओं में पारदर्शिता, तकनीकी मजबूती एवं दीर्घकालिक उपयोगिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी रखने तथा किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

 

 

 

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