3 मार्च को लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण
देहरादून। डॉक्टर आचार्य सुशांत राज ने जानकारी देते हुये बताया की फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि, जिस दिन होलिका दहन होता है, उसी दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण पड़ने जा रहा है। यह चंद्रग्रहण सिंह राशि और मघा नक्षत्र में लगने जा रहा है। सूर्य और चंद्र ग्रहण समय-समय पर लगते रहते हैं, लेकिन इनका प्रभाव व्यक्ति, समाज और विश्व स्तर तक देखा जाता है। साल 2026 में लगने वाले पहले चंद्र ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और इस ग्रहण का समापन शाम 6 बजकर 46 बजे पर हो जाएगा। कुल मिलाकर यह ग्रहण लगभग 3 घंटे के बीच प्रभावी रहेगा। साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण भारत में दृश्यामान होगा। इसलिए, ग्रहण के दौरान सूतक काल का विशेष महत्व होगा। सूतक काल के दौरान सभी मांगलिक कार्य वर्जित हो जाएंगे. मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाएंगे। इस समय भोजन बनाना और खाना, पूजा-पाठ, हवन, यज्ञ, नए कार्य की शुरुआत आदि नहीं करनी चाहिए। यह चंद्र ग्रहण भारत सहित यूरोप, एशिया, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा। हालांकि भारत में यह सूर्यास्त के आसपास दिखाई देगा। साल 2026 के पहले चंद्र ग्रहण से सिंह राशि, कर्क राशि और कुंभ राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है. जिनकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर है, उन्हें मानसिक तनाव या चिंता का सामना करना पड़ सकता है। वहीं यदि चंद्रमा मजबूत है और ग्रहण काल में सही उपाय किए जाएं, तो यह समय सकारात्मक परिणाम भी दे सकता है।
3 मार्च को साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह भारत में पूर्ण रूप से नजर आएगा, इसलिए इससे जुड़े सभी नियम व सूतक काल प्रभावी होगा। ज्योतिषियों के मुताबिक, चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहने वाला है। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जिसमें आसमान में चांद लाल रंग का नजर आएगा। इसे ब्लड मून भी कहते हैं। इसे ऑस्ट्रेलिया, पैसिफिक द्वीपों और उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका में भी देखा जा सकता है। वहीं भारत में सभी शहरों का चंद्रोदय का समय थोड़ा अलग-अलग होता है, जिस कारण यह अलग-अलग समय पर भी नजर आ सकता है। चंद्र ग्रहण का सूतक काल लगभग 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है. इस अनुसार 3 मार्च को सुबह 6 बजकर 20 मिनट से सूतक काल प्रारंभ हो जाएगा। सूतक काल के दौरान सभी मांगलिक कार्य वर्जित हो जाएंगे। इस दौरान भूल से भी नया काम व पूजा न करें। 3 मार्च को लगने वाला यह ग्रहण भारत में तो दिखेगा ही, साथ ही इसे पूरे एशिया और ऑस्ट्रेलिया में देखा जाएगा। इसे पैसिफिक द्वीपों और उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका में भी देखा जा सकता है।
चंद्र ग्रहण प्रारंभ होने का समय दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर
चंद्र ग्रहण का खग्रास प्रारंभ शाम में 4 बजकर 34 मिनट पर
ग्रहण का मध्य दोपहर में 5 बजकर 33 मिनट पर
चंद्र ग्रहण समाप्त दोपहर में 6 बजकर 47 मिनट पर
चंद्रग्रहण का खग्रास कुल 59 मिनट का रहेगा
