बढ़ाई जा रही सैन्य आक्रामकता की कड़ी निंदा
एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) जिला कमेटी, देहरादून ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी साम्राज्यवाद और उसके सहयोगियों द्वारा बढ़ाई जा रही सैन्य आक्रामकता की कड़ी निंदा की है। एसएफआई का मानना है कि मध्य-पूर्व क्षेत्र में अमेरिका की लगातार दखलअंदाजी और युद्धोन्मादी नीतियां विश्व शांति के लिए गंभीर खतरा हैं। एसएफआई ने कहा कि अमेरिका वर्षों से अपनी साम्राज्यवादी नीतियों के तहत विभिन्न देशों की संप्रभुता और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करता रहा है। ईरान के खिलाफ की जा रही सैन्य और राजनीतिक कार्रवाई भी उसी नीति का हिस्सा है। ऐसे कदम न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं बल्कि इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और संघर्ष को बढ़ावा मिलता है। जिला कमेटी ने कहा कि हाल ही में हिंद महासागर में ईरान के पोत पर अमेरिका द्वारा किया गया हमला भी इसी साम्राज्यवादी आक्रामकता का उदाहरण है। अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में किसी देश के पोत को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्री नियमों का खुला उल्लंघन है, जिससे क्षेत्रीय शांति और वैश्विक स्थिरता को गंभीर खतरा पैदा होता है। एसएफआई जिला कमेटी ने कहा कि युद्ध और सैन्य हस्तक्षेप का सबसे ज्यादा खामियाजा आम जनता, छात्रों और युवाओं को भुगतना पड़ता है। इसलिए एसएफआई ईरान की संप्रभुता और स्वतंत्रता के समर्थन में खड़ी है तथा अमेरिकी साम्राज्यवाद की आक्रामक नीतियों का पुरजोर विरोध करती है। एसएफआई ने भारत सरकार से मांग की है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति, कूटनीति और देशों की संप्रभुता के सम्मान का पक्ष ले तथा किसी भी प्रकार की साम्राज्यवादी आक्रामकता का विरोध करे।
