May 26, 2026

अफ्रीका के कुछ हिस्सों में इबोला के बढ़ते मामलों को देखते हुए बीमारी की तैयारियों की समीक्षा

एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

नई दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने कहा है कि “भारत में अब तक बुंडिबुग्यो इबोला बीमारी का कोई मामला सामने नहीं आया है।” हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा इबोला को अंतरराष्ट्रीय चिंता की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति (पीएचईआईसी) तथा अफ्रीका सीडीसी द्वारा महाद्वीपीय सुरक्षा की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति (पीएचईसीएस) घोषित किए जाने के बाद, सरकार अफ्रीका में इबोला की स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए है और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु एहतियात के तौर पर देशभर में निगरानी एवं तैयारियों के उपायों को सक्रिय रूप से और अधिक सुदृढ़ किया है। श्री नड्डा ने बताया कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एहतियात के तौर पर राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र (एनसीडीसी), स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), नागर विमानन मंत्रालय, आव्रजन प्राधिकरणों तथा अन्य संबंधित मंत्रालयों और विभागों के साथ करीबी समन्वय में देशभर में निगरानी और सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों को मजबूत किया है। उन्होंने कहा, “अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और अन्य प्रवेश बिंदुओं पर उन्नत स्क्रीनिंग और निगरानी उपाय शुरू किए गए हैं तथा सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के साथ स्क्रीनिंग, क्वारंटीन, नैदानिक प्रबंधन, प्रयोगशाला परीक्षण और संक्रमण रोकथाम संबंधी मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) और परामर्श साझा किए गए हैं।” तैयारियों और प्रतिक्रिया उपायों की समीक्षा के लिए राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों तथा संबंधित हितधारकों के साथ बैठकें भी आयोजित की गई हैं। केन्द्रीय मंत्री ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक तथा राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र (एनसीडीसी) के निदेशक को ट्रैकिंग, परीक्षण और निगरानी के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को हर समय पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश भी दिए। भारत ने अपने नागरिकों के लिए 24 मई 2026 को एक यात्रा परामर्श जारी करते हुए उन्हें कांगो, उगांडा और दक्षिणी सूडान की अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी थी। इससे पहले, 21 मई 2026 को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इबोला बीमारी के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों और प्रतिक्रिया संबंधी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की थी, जिसमें अंतरराष्ट्रीय यात्रियों द्वारा पालन किए जाने वाले प्रोटोकॉल शामिल थे। इसके बाद 22 मई 2026 को अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण, आइसोलेशन सुविधाओं की तैयारी तथा इबोला मरीजों के मानव अवशेषों के सुरक्षित और सम्मानजनक प्रबंधन के लिए दिशा निर्देश जारी किए गए थे। एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) इकाइयों और एयरपोर्ट स्वास्थ्य संगठनों को अंतरराष्ट्रीय यात्रियों में अज्ञात कारणों से होने वाले बुखार संबंधी मामलों पर विशेष सतर्कता बनाए रखने तथा किसी भी संदिग्ध मामले की तुरंत रिपोर्टिंग और प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इबोला रोग एक गंभीर वायरल रक्तस्रावी बुखार है, जिसकी मृत्यु दर बहुत अधिक होती है। वर्तमान में बुंडिबुग्यो वायरस स्ट्रेन से होने वाले इबोला रोग के लिए कोई स्वीकृत वैक्सीन या विशेष उपचार उपलब्ध नहीं है। बैठक में केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलील श्रीवास्तव; स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव एवं आईसीएमआर के महानिदेशक राजीव बहल; स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक सुनीता शर्मा; केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अपर सचिव राकेश गुप्ता; केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की संयुक्त सचिव जी. एस. चित्रा तथा केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

 

 

 

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