शांतिपूर्ण धरना दे रहे श्रमिकों पर लाठी चार्ज सरकार का मजदूर विरोधी चेहरा : लेखराज
संदीप गोयल/एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून। सीटू से संबंध संविदा श्रमिक संघ उत्तराखंड से जुड़े श्रमिक अपनी मांगों को लेकर पिछले 11 दिनों से धरने पर बैठे थे। वे टनल में काम करने वाले मजदूरों को नियमानुसार 20प्रतिशत टनल अलाउंस देने, कंपनी द्वारा कई सालों से कम कर रहे श्रमिकों को नियुक्ति पत्र तक नहीं दिया गया है, वहीं आदर्श स्थाई आदेश तक नहीं है, श्रमिकों को जानवरों से भी बत्तर हालत में रक्खा गया है, नाइट अलाउंस, प्रोजेक्ट अलाउंस, वेतन पर्ची सहित अन्य मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे, किंतु श्रमिकों की जायज मांगे पूरी करने के बजाय सरकार श्रमिकों के आंदोलन को दबाना चाहती है। और कंपनी को फायदा पहुंचाना चाहती है। इसी लिए शासन प्रशासन मजदूरों को मांगों को नजर अंदाज कर दमन का रास्ता अपना रही है। इस अवसर पर सीटू के प्रांतीय सचिव लेखराज ने के कहा कि एल एंड टी कंपनी के अधिकारियों का यह कहना कि सीटू की यूनियन को छोड़ कर कोई भी यूनियन बनाने को जोर दे रही है, इस लिये मैनेजमेंट द्वारा फर्जी यूनियन खड़ी की जा रही थी। जिसका श्रमिकों द्वारा विरोध किया गया। मैनेजमेंट इस लिए यूनियन बना रहे है ताकि श्रमिकों का शोषण बदस्तूर जारी रख सके, जिसे किसी भी हालत में श्रमिक स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग के अधिकारी भी कंपनी की मिलीभगत में शामिल है। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग के अधिकारियों द्वारा श्रमिकों को ही डराया जा रहा है, ओर कंपनी की भाषा बोल रहे है।
इस अवसर पर सीटू के जिला महामंत्री लेखराज ने श्रमायुक्त, जिला अधिकारी, श्रम सचिव, ऊर्जा सचिव को ज्ञापन दे कर उनसे से उक्त मामले में हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने मांग की कि उत्तराखंड में केंद्र की तर्ज पर टनल, प्रोजेक्ट, रात्रि अलाउंस सहित सभी श्रम कानून सकताई से लागू करवाए जाये। उन्होंने बताया कि श्रमिक कार्यस्थल से 500 मीटर के दायरे से बाहर बैठे थे, ऐसे में उन पर लाठी चार्ज करने के बजाय वार्ता कर समय का समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने इसके लिए भाजपा सरकार की फाँसीवादी मजदूर विरोधी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। धरने पर यूनियन के अध्यक्ष प्रदीप चौहान, बबलू प्रकाश, विपिन कुमार, बॉबी सिंह आदि यूनियन का नेतृत्व कर रहे है। उन्होंने कल डाकपत्थर में यू.जे.वी.एन.एल कार्यालय पर धरना देंगे उसी मांगे नहीं मानी गई तो सभी श्रमिक देहरादून में प्रबंध निदेशक कार्यालय को भी प्रदर्शन करेंगे।
