संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश

पिथौरागढ़। जिला कार्यालय सभागार में सोमवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई दिवस में अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, दूरसंचार, राजस्व सहित विभिन्न जनसमस्याओं एवं शिकायतों को प्रशासन के समक्ष रखा। अपर जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई के दौरान ग्राम पंचायत गोगना के सेरा, मतेला एवं सेलाग्वाली घाट के ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्य के दौरान भूमि, पेयजल लाइन, सिंचाई गूल एवं गोचर भूमि को हुए नुकसान की शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त क्षेत्र में ठेकेदार द्वारा डामर प्लांट एवं क्रशर स्थापित किए जाने की योजना बनाई जा रही है। ग्रामीणों द्वारा आवश्यक कार्रवाई की मांग की गयी।

इसके अतिरिक्त पिथौरागढ़ –झूलाघाट मोटर मार्ग से ग्राम लेलू (बड़डा) तक क्षतिग्रस्त ग्रामीण सड़क के सुधारीकरण एवं नाली निर्माण, ग्राम बस्तड़ी–उड़मा–पत्थरकोट मोटर मार्ग के सुधारीकरण एवं डामरीकरण तथा ग्राम बंदरलीमा से ग्राम मालन जाने वाले मोटर मार्ग को ग्राम दिगरा तक विस्तारित किए जाने संबंधी प्रार्थना पत्र भी प्रस्तुत किए गए।

विकासखंड विण के ग्राम कांटे, तोली गुरना एवं आसपास के ग्रामीणों ने क्षेत्र में उपलब्ध एकमात्र  मोबाइल नेटवर्क की खराब कनेक्टिविटी, लगातार कॉल ड्रॉप तथा इंटरनेट सेवा बाधित रहने की समस्या उठाते हुए दूरसंचार व्यवस्था में शीघ्र सुधार की मांग की। जनसुनवाई के दौरान निजी विद्यालयों द्वारा एनसीईआरटी पुस्तकों के अतिरिक्त निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाने तथा मनमाने शुल्क की वसूली किए जाने संबंधी शिकायत भी दर्ज कराई गई। इसके अलावा पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व, सड़क एवं अन्य विभागों से संबंधित विभिन्न जनसमस्याएं भी प्रशासन के समक्ष रखी गईं। अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह ने कहा कि जनसुनवाई शासन एवं प्रशासन की महत्वपूर्ण व्यवस्था है, जिसके माध्यम से आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का स्थलीय परीक्षण करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न होने पाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के समाधान में लापरवाही अथवा उदासीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। जनसुनवाई के उपरांत अपर जिलाधिकारी ने 1905 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की विभागवार समीक्षा बैठक भी आयोजित की। समीक्षा के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों में लंबित प्रकरणों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न होकर शिकायतकर्ता की वास्तविक संतुष्टि के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने निर्देशित किया कि बिना ठोस एवं उचित कारण किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए। शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता बनाए रखते हुए प्रत्येक प्रकरण का प्रभावी एवं तथ्यपरक निस्तारण किया जाए। साथ ही सभी विभागीय अधिकारी नियमित रूप से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल की मॉनिटरिंग करें, लंबित प्रकरणों की दैनिक समीक्षा करें तथा शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षित तेजी लाते हुए शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करें। इस दौरान उपप्रभागीय वनाधिकारी  राजकुमार,सीएमओ डॉ.एसएस नबियाल, डीडीओ रमा गोस्वामी समेत जिलास्तरीय अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

 

 

 

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