July 10, 2026

धामी सरकार का 1831 दिन का राज, पूर्व मुख्यमंत्री तिवारी का तोड़ दिया रिकॉर्ड

एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर मुख्यमंत्री लगातार 5 साल (1831 दिन) का कार्यकाल पूरा कर पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। धामी सरकार का यह लंबा कार्यकाल समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून और अवस्थापना विकास के ऐतिहासिक फैसलों के लिए जाना जाता है। इस कार्यकाल में धामी सरकार ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देकर विकास को रफ्तार दी है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) सहित कई ऐतिहासिक फैसलों से उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। 40 से अधिक नीतियां लागू कर निवेश का प्रोत्साहित किया। साथ ही कृषि, बागवानी, उद्योग, शिक्षा, पर्यटन, सौर ऊर्जा, स्वरोजगार, स्वास्थ्य क्षेत्रों में नई पहलों से रोजगार को बढ़ावा दिया। सीएम धामी के दूसरे कार्यकाल के चार साल में उत्तराखंड सख्त कानूनों के मामले में देश में सबसे अग्रणी प्रदेश बनकर खड़ा हुआ है। पांच ऐसे ऐतिहासिक फैसले उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देश के सामने नजीर की तरह हैं। समान नागरिक संहिता से लागू होने से राज्य में सभी धर्मों के नागरिकों के लिए विवाह, तलाक और संपत्ति के बंटवारे का समान नियम लागू हो गया है। बहुविवाह पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

1831 दिन देवभूमि उत्तराखंड के मुख्य सेवक के रूप में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राज्य में सबसे लंबी अवधि तक मुख्यमंत्री पद पर रहने का एक नया प्रशासनिक कीर्तिमान स्थापित किया है। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. नारायण दत्त तिवारी के 1,830 दिनों के कार्यकाल के रिकॉर्ड को पार करते हुए आज का यह दिन उत्तराखंड के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बन गया है। राज्य के निरंतर विकास, प्रशासनिक सुदृढ़ता और जन-कल्याण को समर्पित इस ऐतिहासिक एवं सफल कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री को बधाई दी गई। उत्तराखंड के राजनीतिक इतिहास में पुष्कर सिंह धामी का 1831 दिन का यह सफर कई साहसिक और ऐतिहासिक फैसलों के लिए याद किया जाएगा। 1831 दिन का ऐतिहासिक कार्यकाल पूरा होने पर सरकार द्वारा राज्य भर में सेवा सप्ताह का आयोजन किया गया है। 4 जुलाई से 10 जुलाई तक चलने वाले इन आयोजनों के माध्यम से रोजगार, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण, और बुनियादी ढांचे से जुड़ी जन-कल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुँचाया जा रहा है।

लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य किया :- लड़कियों की शादी की उम्र 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष समान रूप से लागू कर दी गई। साथ ही, लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है, ऐसा न करने पर सजा का प्रावधान है। वर्तमान में यूसीसी के तहत साढ़े चार लाख से अधिक शादियों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। लिवइन के भी 92 पंजीकरण हो चुके हैं।

भर्ती परीक्षा में नकल रोकने के लिए उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम और निवारण के उपाय) अधिनियम लागू कर पेपर लीक या संगठित नकल कराने वाले माफिया को आजीवन कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया। दंगा रोधी कानून के तहत अब दंगों के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से ही पूरे नुकसान की वसूली की जाएगी। इसके साथ ही दंगाइयों पर आठ लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगेगा। नुकसान के आकलन और वसूली के लिए एक विशेष क्लेम ट्रिब्यूनल (दावा अधिकरण) का गठन किया गया है।

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