स्वतंत्रता आंदोलन तथा जनजागरण में अनेक सेनानियों का महत्वपूर्ण योगदान
संदीप गोयल\एस.के.एम. न्यूज सर्विस
देहरादून। देहरादून और उत्तराखण्ड के स्वतंत्रता आंदोलन तथा जनजागरण में अनेक सेनानियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनमे से कुछ व्यक्तियों का संक्षिप्त परिचय इस प्रकार है:-
महावीर त्यागी (1899–1980) :- देहरादून से जुड़े प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी, गांधीवादी, संविधान सभा के सदस्य और स्वतंत्र भारत के सांसद। असहयोग, सविनय अवज्ञा और भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय रहे तथा कई बार जेल गए। स्वतंत्रता के बाद भी देहरादून के विकास और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रहे।
नरदेव शास्त्री :- देहरादून के प्रमुख आर्यसमाजी नेता, समाज सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी। उन्होंने राष्ट्रीय चेतना, शिक्षा, स्वदेशी तथा सामाजिक सुधार के कार्यों में उल्लेखनीय भूमिका निभाई और स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की।
एम. एन. राय (मानवेन्द्र नाथ राय, 1887–1954) :- भारत के प्रसिद्ध क्रांतिकारी, विचारक और रैडिकल ह्यूमनिज़्म के प्रवर्तक। यद्यपि उनका कार्यक्षेत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय था, पर वे कुछ समय देहरादून में भी रहे, जहाँ उन्होंने अपने वैचारिक लेखन और चिंतन का कार्य किया।
खड़्ग बहादुर सिंह :- देहरादून क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानी, जिन्होंने राष्ट्रीय आंदोलन और जनजागरण में सक्रिय भूमिका निभाई। स्थानीय स्तर पर ब्रिटिश शासन के विरुद्ध लोगों को संगठित करने के लिए उन्हें याद किया जाता है।
खुर्शीद लाल :- देहरादून के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रमुख कार्यकर्ता। कांग्रेस संगठन और राष्ट्रीय आंदोलनों में सक्रिय रहे तथा ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष में भाग लिया।
हुलास वर्मा :- स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देहरादून में जनसंगठन और राष्ट्रीय चेतना फैलाने वाले प्रमुख कार्यकर्ताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय सहयोग दिया।
राजा महेन्द्र प्रताप (1886–1979) :- महान क्रांतिकारी, समाज सुधारक और 1915 में काबुल में भारत की अस्थायी सरकार के प्रथम राष्ट्रपति। वे कई बार देहरादून आए और यहाँ के स्वतंत्रता सेनानियों से उनके घनिष्ठ संबंध रहे।
पं. नारायणदत्त डंगवाल :- देहरादून के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और समाजसेवी। उन्होंने राष्ट्रीय आंदोलन, शिक्षा तथा सामाजिक जागरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया और स्वतंत्रता के बाद भी सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे।
वीर केसरी चन्द :- देहरादून क्षेत्र के साहसी स्वतंत्रता सेनानी। उन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय भाग लिया और युवाओं में देशभक्ति की भावना जागृत करने का कार्य किया।
दुर्गा मल्ल (1913–1944) :- गोरखा समुदाय के महान स्वतंत्रता सेनानी तथा आज़ाद हिन्द फ़ौज (आईएनए) के अधिकारी। ब्रिटिश सरकार ने उन्हें दिल्ली केंद्रीय कारागार में 25 अगस्त 1944 को फाँसी दी। वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों में गिने जाते हैं।
इनमें से महावीर त्यागी, नरदेव शास्त्री, पं. नारायणदत्त डंगवाल, खड़्ग बहादुर सिंह, खुर्शीद लाल, हुलास वर्मा और वीर केसरी चन्द का देहरादून के स्वतंत्रता आंदोलन और सामाजिक जीवन से विशेष संबंध रहा, जबकि एम.एन. राय, राजा महेन्द्र प्रताप और दुर्गा मल्ल राष्ट्रीय स्तर के ऐसे व्यक्तित्व थे जिनका देहरादून से भी ऐतिहासिक जुड़ाव रहा।
