गरीब बस्तियों में जबरन स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध
एसकेएम न्यूज़ सर्विस
देहरादून। बिजली विभाग द्वारा गरीब बस्तियों में कथित तौर पर जबरदस्ती स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगाए जाने के विरोध में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने जिलाधिकारी कार्यालय और मुख्य सचिव को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें इस प्रक्रिया को तत्काल रोकने और उपभोक्ताओं की सहमति के बिना मीटर न लगाने की मांग की गई। जोर जबरदस्ती व गुमराह करने वाली कर्मचारियों व अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग की!
पार्टी ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर, जिन्हें वे “हर घर में एडानी बम” कह रहे हैं, निजी कंपनियों के लाभ के लिए लगाए जा रहे हैं और इससे आम जनता, विशेषकर गरीब उपभोक्ताओं, पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा तथा उनकी गाडी कमाई की लूटखसौट हो रही है, उनके मूल मीटरों, कागजात व सिक्योरिटी को खुर्दबुर्द किया जा रहा है, माकपा नेताओं ने कहा कि इसी सरकार के नेताओं ने चुनाव से पहले स्मार्ट मीटर का विरोध किया था, लेकिन अब वह चुपचाप इसे तेजी से लागू कर रही है।
ज्ञापन में मांग की गई कि बिजली विभाग गरीब बस्तियों में मीटर लगाने का अभियान बंद करे और पहले से लगाए गए मीटरों को हटाए। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी, तो वे राज्यव्यापी आंदोलन तेज करेंगे। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब देश के कई हिस्सों में स्मार्ट मीटर के विरोध में आवाजें उठ रही हैं। पहले भी माकपा ने बढ़े हुए बिजली बिलों और समायोजन शुल्क के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए हैं। पार्टी का कहना है कि स्मार्ट मीटर बिजली क्षेत्र के निजीकरण की दिशा में एक कदम है, जो आम लोगों के हितों के खिलाफ है।
