गांव में ही स्वरोजगार के अवसर तैयार कर आत्मनिर्भर बन रही महिलाएं
एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल एवं ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत पहाड़ की महिलाएं गांव में ही स्वरोजगार के अवसर तैयार कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर वे अपनी आर्थिकी मजबूत करने के साथ अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ रही हैं। पौड़ी विकासखंड के खांड्यूंसैंण की कलावती देवी और ग्राम गहड़ की रामेश्वरी देवी इसकी प्रेरणादायी मिसाल हैं।
खांड्यूंसैंण निवासी कलावती देवी मां भगवती स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं। हिमोत्थान सोसाइटी से मिले ₹20 हजार के अनुदान से उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी। आरसेटी से 13 दिवसीय जूट बैग निर्माण प्रशिक्षण भी लिया। वर्तमान में सिलाई और ब्यूटी पार्लर का कार्य कर करीब ₹15 हजार मासिक आय अर्जित कर रही हैं, जिसमें ₹10-12 हजार तक शुद्ध बचत होती है। उनके कार्य से एक अन्य महिला को भी रोजगार मिला है। जल्द ही जूट बैग निर्माण शुरू कर समूह की अन्य महिलाओं को भी जोड़ा जाएगा।
ग्राम गहड़ की रामेश्वरी देवी डांडा नागराजा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं और पुलिस लाइन के समीप ग्राम दुकान चला रही हैं। यहां मंडुवा, झंगोरा, पहाड़ी दाल, जैम, अचार, बद्री गाय का घी और स्थानीय सब्जियों सहित विभिन्न पहाड़ी उत्पाद बिकते हैं। इससे उन्हें ₹6-7 हजार मासिक शुद्ध आय हो रही है। वर्ष 2025 में एनआरएलएम, नाबार्ड और हिमोत्थान सोसाइटी के सहयोग से ₹3 लाख का सीसीएल ऋण लेकर उन्होंने दुकान शुरू की।
ब्लॉक मिशन मैनेजर विजय बिष्ट ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण, ऋण एवं अन्य सहयोग दिया जा रहा है। जनपद में कई महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिलाओं को गांव में ही स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आजीविका मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर तैयार करने के प्रयास जारी हैं।
