विद्यापूर्ण लीग आध्यात्मिक क्रिकेट महामहोत्सव : दिल्ली ने हरिद्वार को 34 रन से हराया
एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून। आध्यात्मिक श्रमणी परम पूज्य वात्सल्यमयी आर्यिका रत्न श्री 105 पूर्णमति माताजी के परम सानिध्य में सकल दिगंबर जैन समाज एवं श्री विद्या समय पूर्ण वर्षायोग समिति द्वारा पुण्यार्जक श्रीमती तारिका पाटनी जी (वंडर सीमेंट, आरके मार्बल्स) के सहयोग से आयोजित VPL आध्यात्मिक क्रिकेट महामहोत्सव के तीसरे दिन जैन भवन स्थित विद्यापूर्ण लीग स्टेडियम में धार्मिक एवं खेल गतिविधियों का सुंदर समन्वय देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 7 बजे नित्य नियम पूजन एवं मंदिरजी में शांतिधारा के साथ हुआ। 4 अक्टूबर को आचार्य श्री के अर्घ्य बालिका मंडल एवं वीर विद्या युवा मंडल द्वारा श्रीजी के चरणों में समर्पित किए गए।
विद्यापूर्ण लीग के फाइनल राउंड में आज दिल्ली और हरिद्वार के बीच रोमांचक मुकाबला खेला गया। दिल्ली की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 184 रन का लक्ष्य निर्धारित किया। लक्ष्य का पीछा करते हुए हरिद्वार की टीम निर्धारित लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी और दिल्ली ने 34 रन से जीत दर्ज की। खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिए बड़ी संख्या में समाज के लोग एवं श्रद्धालु स्टेडियम में मौजूद रहे।
पूज्य गुरु माँ श्री पूर्णमति माताजी ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि विद्यापूर्ण लीग में जीत केवल मैदान की फतेह नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुशासन, निरंतर अभ्यास, धैर्य और टीम भावना की सर्वोच्च विजय है। उन्होंने कहा कि ‘विद्या’ का अर्थ केवल पुस्तकीय ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में विवेक और कौशल का सही उपयोग करना है। खेल हमें सिखाता है कि सफलता के पीछे निरंतर परिश्रम और समर्पण आवश्यक है। माताजी ने खिलाड़ियों को तीन महत्वपूर्ण संदेश दिए-अनुशासन एवं निरंतरता, धैर्य एवं संयम तथा सामूहिकता की शक्ति। उन्होंने कहा कि संकट के समय जो व्यक्ति अपना संयम बनाए रखता है और सही अवसर की प्रतीक्षा करता है, वही वास्तविक विजेता बनता है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अकेले पूरी लीग नहीं जीत सकता। जब ‘मैं’ की भावना समाप्त होकर ‘हम’ की भावना जागृत होती है, तभी सच्ची विजय प्राप्त होती है। खेल में हार-जीत से भी बड़ी उपलब्धि एक बेहतर इंसान बनने का अनुभव है। पराजित टीमों को निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि हार अंत नहीं बल्कि अगली जीत की तैयारी का पहला कदम है। पूज्य माताजी ने विजेता टीम के सभी खिलाड़ियों, उनके मार्गदर्शकों तथा आयोजन को सफल बनाने वाले सभी सहयोगियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मीडिया समन्वयक मधु जैन ने बताया कि कल प्रातः 7 बजे महिला मंडल झंडा मंदिर द्वारा श्रीजी को अर्घ्य समर्पित किए जाएंगे।उन्होंने बताया कि प्रतिदिन सायंकाल आयोजित होने वाली आरती आध्यात्मिक भजनों से ओत-प्रोत हो रही है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं। इस अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज के सभी पदाधिकारी, श्री विद्या समय पूर्ण वर्षायोग समिति के सदस्य, जैन भवन कार्यकारिणी के पदाधिकारी एवं सदस्यगण, विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में बाहर से आए श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी श्रद्धालुओं ने पूज्य माताजी के पावन सानिध्य में धर्मलाभ प्राप्त किया।
