उत्तर प्रदेश के 19 सदस्य राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल

संदीप गोयल / एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून, 13 अक्टूबर। स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के त्याग, बलिदान तथा राष्ट्रसेवा की गौरवशाली विरासत को जन-जन तक पहुंचाने और उनके परिवारों के सम्मान एवं कल्याण के लिए प्रतिबद्ध अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीद परिवार कल्याण महा परिषद ने अपने राष्ट्रव्यापी संगठन विस्तार अभियान को नई गति प्रदान की है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के 19 सदस्यों को परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किया गया है।
परिषद के समन्वयक हरि राम गुप्त ने संगठन विस्तार की जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रहलाद प्रजापति के नेतृत्व में यह अभियान संचालित किया जा रहा है। उनके अनुसार, परिषद का उद्देश्य स्वतंत्रता सेनानियों एवं शहीद परिवारों को संगठित करना तथा उनके सम्मान, अधिकारों और कल्याण से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाना है।
“हम अपने कार्यों से साबित करेंगे कि हम भारत के भविष्य के लिए समर्पित हैं।”
— हरि राम गुप्त, समन्वयक
हरि राम गुप्त ने कहा कि संगठन का विस्तार केवल सदस्य संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों, राष्ट्रप्रेम, सत्य, अहिंसा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति समर्पण केवल शब्दों से नहीं, बल्कि कार्यों से प्रमाणित होना चाहिए।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उत्तर प्रदेश को मिली जिम्मेदारी
राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल सदस्यों में रामकुमार सिंह, सुनील प्रजापति, जोगेंद्र सिंह बाजवा, आर.के. निगम, विजयानंद रस्तोगी, सुशील गुप्त, रामदुलारे गुप्त, धर्म कुमार सिंह, प्रवीण कुमार, प्रताप सिंह बुंदेला, सत्य कुमार सिन्हा, सुमन दीक्षित, अजय कुमार गुप्त, हरिश्चंद्र श्रीवास्तव, श्रीमती सितेश गुप्ता तथा श्रीमती कालिंदी पाल सहित अन्य सदस्य शामिल हैं।
इन सदस्यों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करेंगे, स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीद परिवारों को एकजुट करेंगे और नई पीढ़ी को देश की आजादी के संघर्ष तथा उसके महान नायकों के योगदान से परिचित कराने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
सम्मान, कल्याण और राष्ट्रसेवा है परिषद का संकल्प
परिषद का प्रमुख उद्देश्य स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के परिवारों को उचित सम्मान दिलाना, उनके कल्याण से जुड़े विषयों को प्राथमिकता से उठाना, समस्याओं के समाधान के लिए संगठित प्रयास करना और स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना है। संगठन शिक्षित युवाओं की भागीदारी, अनुशासित कार्यप्रणाली और राष्ट्रीय एकता को अपनी प्रमुख शक्ति मानता है।
परिषद का मानना है कि स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनके सपनों को साकार करना, उनके परिवारों के प्रति सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्व निभाना और युवाओं को राष्ट्रनिर्माण के लिए प्रेरित करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। इसी संकल्प के साथ महा परिषद देशभर में संगठनात्मक एकता को मजबूत करने तथा स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीद परिवारों के सम्मान, अधिकारों और कल्याण के लिए अपने अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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