मैंगो पिकल मिक्सिंग रिकॉर्ड की प्रतिभागी महिलाओं को मेयर ने प्रदान किए सर्टिफिकेट और मेडल

एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

देहरादून। तेजस्विनी चैरिटेबल ट्रस्ट, फ्लेवर्स ऑफ होमशेफस एवं सोलफिट की ओर से जुलाई माह में आयोजित मैंगो पिकल मिक्सिंग रिकॉर्ड अटेम्प्ट में भाग लेने वाली महिलाओं कि कोर टीम को आज सम्मानित किया गया। नगर निगम देहरादून में आयोजित सम्मान समारोह में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से रिकॉर्ड के सर्टिफिकेट और मेडल प्रतिभागी महिलाओं को प्रदान किए गए। इस उपलब्धि ने महिलाओं की सामूहिक भागीदारी, पारंपरिक भारतीय खानपान और महिला सशक्तिकरण की भावना को एक नई पहचान दी। जुलाई 2026 में आयोजित मैंगो फेस्ट के अंतर्गत पारंपरिक भारतीय अचार बनाने की प्रक्रिया को केंद्र में रखते हुए इस विशेष रिकॉर्ड अटेम्प्ट का आयोजन किया गया था। इसमें डेढ़ सौ से अधिक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया था। इस पहल का उद्देश्य भारतीय पारंपरिक खानपान की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के साथ महिलाओं की सामूहिक शक्ति, सहभागिता और पारंपरिक पाक कला को मंच प्रदान करना था। समारोह में देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल एवं हिमाचल टाइम्स ग्रुप की ओनर रचना पांधी ने प्रतिभागी महिलाओं को सर्टिफिकेट और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। प्रतिभागियों के लिए यह पल विशेष रहा, क्योंकि जुलाई में किए गए प्रयास की उपलब्धि अब आधिकारिक सर्टिफिकेट और मेडल के रूप में उनके सामने थी। कार्यक्रम की समन्वयक प्रिया गुलाटी ने सभी प्रतिभागी महिलाओं, अतिथियों एवं आयोजन से जुड़े सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बेहद खुशी और गर्व का क्षण है कि जुलाई में किए गए रिकॉर्ड अटेम्प्ट को अब आधिकारिक मान्यता मिल गई है। सर्टिफिकेट और मेडल इस सामूहिक प्रयास के साक्ष्य हैं और सभी महिलाओं की मेहनत, उत्साह एवं सहभागिता का सम्मान हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्विनी चैरिटेबल ट्रस्ट का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना, उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करना और उन्हें नई उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रेरित करना है। इस तरह के आयोजन महिलाओं को एकजुट करने के साथ-साथ भारतीय परंपराओं और संस्कृति को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का समापन प्रतिभागी महिलाओं के सम्मान और इस उपलब्धि की खुशी साझा करने के साथ हुआ। यह आयोजन महिला सहभागिता, सामूहिक प्रयास और पारंपरिक भारतीय संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल के रूप में सामने आया।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *