संजय जैन के निवास पर हुआ महाराज श्री का मंगल प्रवास
एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून, 16 सितंबर। परम पूज्य संस्कार प्रणेता ज्ञानयोगी जीवन आशा हॉस्पिटल प्रेरणा स्तोत्र उत्तराखंड के राजकीय अतिथि आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महामुनिराज का वर्षायोग के अंतर्गत मंगल प्रवास संजय जैन मल्टीचैनल के निवास देहराखास के लिए जैन धर्मशाला से हुआ। जिसमें जैन धर्मशाला से तीर्थंकर महावीर चौक होते हुए लालपुल से महाराज श्री देहराखास पहुंचे, जिसमें सभी भक्तों ने उनके साथ बड़ी भक्ति के साथ भगवान के जयकारे लगाते हुए मंगल प्रवास कराया। पूज्य गुरुदेव ने अपने मुखारविंद से सभी भक्तों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि जैन धर्म के अनुसार, वस्तु के स्वभाव को ही धर्म कहते हैं। इसका अर्थ है कि प्रत्येक वस्तु की अपनी एक मूल प्रकृति होती है, जैसे पानी का स्वभाव शीतलता है या अग्नि का स्वभाव उष्णता है, यह स्वभाव वस्तु को अन्य वस्तुओं से अलग करता है। मानव का श्रावकों को आप सबका कैसे पता चलेगा आपकी क्रियाओं द्वारा जो जैन लोगों की पहचान पानी छान के पीना, रात्रि भोजन त्याग, देव दर्शन और भी क्रियाएं है जो हमें अपनी पहचान बनाए रखनी है, ताकि लोग स्वयं कहे कि ये व्यक्ति जैन है जैनत्व दिखना चाहिए। जो आज की युवा पीढ़ी में देखने में कम नजर आ रहा है। तत्पश्चात आहरचर्या एव संध्याकालीन गुरुभक्ति वैया वृत्ति हुई। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मीडिया समन्वयक मधु जैन बताया कि इसी क्रम में कल को पूज्य श्री का विहार राजीव जैन के निवास के लिए होगा।
