गुलदार के हमले में ग्रामीण की मौत, जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवार को दी त्वरित आर्थिक सहायता
एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
रुद्रप्रयाग,29 अक्टूबर। जनपद रूद्रप्रयाग के विकासखण्ड अगस्त्यमुनि के जोंदला पाली गांव में आज सुबह गुलदार के हमले में एक ग्रामीण की दर्दनाक मृत्यु हो गई। ग्राम प्रधान पाली मल्ली द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, श्री मनवर सिंह बिष्ट (उम्र लगभग 55 वर्ष) आज सुबह लगभग 5 बजे अपने घर से हल लगाने हेतु गौशाला की ओर गए थे। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की। खोज के दौरान उनका शव गौशाला से कुछ दूरी पर नापखेत क्षेत्र में बरामद हुआ। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम डीएफओ रुद्रप्रयाग रजत सुमन और उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग भगत सिंह फोनिया के नेतृत्व में तत्काल मौके पर पहुंची और जांच में पुष्टि की कि श्री मनवर सिंह बिष्ट की मृत्यु गुलदार के हमले से हुई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने क्यूआरटी (Quick Response Team) और आरआरटी (Rapid Response Team) को तत्काल जोंदला पाली क्षेत्र में सक्रिय कर दिया है। टीम द्वारा ग्रामीणों से सहयोग लेते हुए क्षेत्र में व्यापक सतर्कता अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीणों को गुलदार से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही प्रभागीय वनाधिकारी, रूद्रप्रयाग रजत सुमन द्वारा तत्काल ही प्रभावित परिवार को अग्रिम राहत के तौर पर 1 लाख 80 हज़ार रुपए का चेक भी प्रदान किया गया। सक्रिय क्यूआरटी एवं आरआरटी टीमों द्वारा गुलदार की गतिविधियों पर निगरानी रखने हेतु कैमरा ट्रैप, ड्रोन, फॉक्स लाइट सहित अन्य आधुनिक उपकरणों की सहायता ली जा रही है।टीम द्वारा विद्यालयी छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें विद्यालय तक पहुंचाने की विशेष व्यवस्था भी की गई है।साथ ही गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जा चुका है और प्रभावित क्षेत्र से लगे सभी संवेदनशील इलाकों में भी टीमों को सतर्क किया गया है।घटना की जानकारी मिलते ही प्रभागीय वनाधिकारी, रूद्रप्रयाग एवं उप प्रभागीय वनाधिकारी, रूद्रप्रयाग उप वन प्रभाग मौके पर पहुंचे।अधिकारियों ने क्षेत्र में विशेष टीमों का गठन करते हुए निम्न निर्देश दिए जिसमे गुलदार प्रभावित क्षेत्र में आम जनता को जागरूक करने हेतु अभियान चलाया जाने के आदेश दिए गए है साथ ही साथ वन विभाग की टीमो को गुलदार की गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखी जाए साथ ही दिन और रात्रि गश्त को बढ़ाया जाए।
