May 2, 2026

सफाई कर्मचारियों का नियमितीकरण करें उत्तराखंड सरकार : भगवत प्रसाद मकवाना

संदीप गोयल /एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

देहरादून, 06 नवंबर। सफाई कर्मचारी आयोग उत्तराखंड सरकार के उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने उत्तराखंड सरकार से रजत जयंती वर्ष उत्तराखंड के 25 वर्ष पूर्ण होने पर उत्तराखंड की स्थानीय निकायों में वर्षों से कार्यरत मोहल्ला स्वच्छता समिति सफाई कर्मचारी नाला गैंग रात्रि कालीन एवं आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों को तथा अन्य सभी विभागों में 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके आउटसोर्स सफाई कर्मियों को नियमितीकरण का तोहफा दे सरकार। मकवाना ने कहा कि जब सभी लोग सो रहे होते हैं मेरे समाज की माता बहने और युवा सभी के स्वास्थ्य की रक्षा करने हेतु सड़कों पर उतर जाते हैं अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए वह सभी के स्वास्थ्य के प्रति गंभीरता से अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं किंतु स्वयं अनेकों बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं और कई बार असमय मृत्यु के शिकार हो जाते हैं। सीवर जैसे जोखिम भरे कार्य भी मेरे समाज के लोग करते हैं जो प्रदेश ही नहीं देश में अनेकों बार मृत्यु के शिकार होते हैं सरकार ने मैन्युअल स्कैवेंजर एक्ट 2013 बनाकर इस प्रकार के कार्यों को मशीनों से करने का प्रावधान किया है किंतु सरकारी विभागों की उदासीनता के कारण आज भी देश और प्रदेश में लोग सीवर की सफाई करते हुए मृत्यु को प्राप्त हो रहे हैं सरकार को कड़े कदम उठाकर इन मृत्यु को रोकना होगा। मकवाना ने कहा है कि उत्तराखंड की 25 वर्ष की यात्रा में उत्तराखंड के सभी क्षेत्रों में विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं वर्तमान  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में तथा केंद्र की मोदी सरकार के मार्गदर्शन एवं डबल इंजन की सरकार में उत्तराखंड विकसित राज्य की ओर निरंतर आगे बढ़ रहा है किंतु मेरा समाज ठेकेदारी प्रथा लागू होने से निरंतर पीछे की ओर जा रहा है जो चिंता का विषय है यदि किसी समाज की आर्थिक स्थिति कमजोर हो जाएगी तब उसका विकास स्वत ही अवरुद्ध हो जाएगा।

भगवत प्रसाद मकवाना ने कहा कि नगर निगम देहरादून उत्तराखंड का एकमात्र राज्य का नगर निगम था किंतु आज उत्तराखंड में 11 नगर निगम है कुल 107 नगर निकाय हैं क्षेत्रफल ,आबादी में निरंतर बढ़ोतरी हुई है उत्तराखंड पर्यटन और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है यहां देश और विदेश के लोग बड़ी संख्या में आते हैं फ्लोटिंग पापुलेशन निरंतर बढ़ रही है,। अधिकारियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई किंतु दुर्भाग्य का विषय है कि पिछले 25 वर्षों में किसी भी सरकार ने सफाई कर्मचारियों की स्थाई नई भर्ती नहीं की , अनेकों विभागों में हजारों नियुक्तियां की गई किंतु इनको ठेकेदारी में नौकरी देकर सफाई व्यवस्था तो दुरुस्त कराई जाती है किंतु उनके शोषण के बारे में शासन प्रशासन कभी भी सजग नहीं रहा आयोग का उपाध्यक्ष होने से पूर्व में सफाई कर्मचारी आयोग के प्रथम अध्यक्ष के रूप में भी विभिन्न विभागों में समीक्षा बैठकों के माध्यम से यह अनुभव कर चुका हूं की ठेकेदारी प्रथा में मेरे समाज के लोगों का घर शोषण हो रहा है जिसको समाप्त करने के लिए निरंतर सरकार को पत्राचार आयोग के माध्यम से किया जा रहा है अनेकों ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई के भी निर्देश विभाग अधिकारियों को दिए गए हैं किंतु अधिकारियों और ठेकेदारों की मिली भगत से सफाई कर्मचारी को उत्पीड़न झेलना पड़ रहा है सरकार ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर सीधे विभाग से सफाई कर्मचारियों को वेतन दिलाना सुनिश्चित करें ताकि मेरे गरीब समाज के वेतन पर ठेकेदार और विभाग के अधिकारी डाका  न डाल सके। विधानसभा के 25 वर्ष के विशेष सत्र में किसी भी मान्य विधायक द्वारा सफाई कर्मचारियों की इन पीड़ाओं पर प्रश्न नही उठाना स्पष्ट करता है कि जनप्रतिनिधि मेरे वाल्मीकि समाज के प्रति कितने संवेदनशील हैं बात अंतोदय की होती है किंतु अनुसूचित समाज में भी सबसे निचले पायदान पर खड़ा मेरा सफाई कर्मचारी वर्ग अभी भी अपने विकास और न्याय के प्रति चिंता ग्रस्त है वह आशा करता है कि सरकार उनकी मूलभूत समस्याओं का शीघ्र निराकरण करेगी राज्य सफाई कर्मचारी आयोग इन सभी विषयों में सरकार को निरंतर पत्राचार कर रहा है संपर्क कर सरकार के सम्मुख उनके विषय रख रहा है। मैं उत्तराखंड के युवा हृदय सम्राट यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से विनम्र अनुरोध करता हूं कि सफाई कर्मचारियों का शीघ्र नियमितीकरण किया जाए पूरे प्रदेश में आबादी और क्षेत्रफल के अनुसार सफाई कर्मचारियों की भी स्थाई भर्ती की जाए, सफाई कार्य में ठेकेदारी प्रथा समाप्त की जाए ,राज्य सफाई कर्मचारी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया जाए तथा आगामी विधानसभा चुनाव में वाल्मीकि समाज को भी विधानसभा में भेजने का मार्ग प्रशस्त किया जाए अर्थात उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए। आशा करते हैं कि सरकार इन विषयों का संज्ञान लेगी और समाधान करेगी।

 

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