निरंतर कर्मचारियों के हित में फैसले ले रहीं धामी सरकार : भगवत प्रसाद मकवाना
एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून। राज्य सफाई कर्मचारी आयोग उत्तराखंड सरकार के उपाध्यक्ष राज्य मंत्री भगवत प्रसाद मकवाना ने आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा निरंतर कर्मचारियों के हित में लिए जा रहे फैसलों के लिए उनका अभिनंदन एवं स्वागत किया। उपनल के माध्यम से विभिन्न विभागों में वर्षों से अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे सभी कर्मचारियों को 10 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर “समान कार्य समान वेतन का लाभ” मिलेगा। इससे पूर्व मुख्यमंत्री प्रदेश के सभी विभागों के कर्मचारियों को 2018 तक 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर कर चुके हैं नियमितीकरण नियमावली 2025 जारी, सफाई कर्मचारियों को वन टाइम सेटलमेंट के अंतर्गत मृतक आश्रित के रूप में नियुक्ति नहीं मिल पाती थी यह कांग्रेस का आदेश भी धामी सरकार ने रद्द किया। अब मृतक अक्षित को भी मिलती है नौकरी, आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों को 2022 में लागू किया 500 प्रतिदिन का आदेश, कांग्रेस शासन में एक लाख का बीमा सफाई कर्मचारियों का बंद कर दिया गया था, जिसको बढाकर धामी सरकार ने 5 लाख किया। आयुष्मान और गोल्डन कार्ड की सुविधा दी। झाड़ू भत्ता और आवास भत्ता भी सफाई कर्मचारियों का बढ़ाया गया। यह सभी आदेश स्पष्ट करते हैं कि धामी सरकार कर्मचारियो की हितैषी सरकार है।
राज्य सफाई कर्मचारी आयोग उत्तराखंड सरकार के उपाध्यक्ष राज्य मंत्री भगवत प्रसाद मकवाना ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मुख्य सचिव आनंद वर्धन और सचिव शहरी विकास से प्रदेश की निकायों में सफाई कर्मचारियों के नए स्थाई पद बढाकर नया ढांचा स्वीकृत करने, सफाई कर्मियों की सभी विभागों में स्थाई भर्ती किए जाने, सफाई कर्मचारी अत्यंत विषम परिस्थितियों में हाई रिस्क में काम करता है जिसके कारण उसको और उसके परिजनों को अनेकों संक्रामक रोग ग्रस्त करते हैं इसलिए उनको समान कार्य और समान वेतन अथवा उनके वेतन में बढ़ोतरी करके पीआरडी के समान वेतन लागू किया जाए, अनुसूचित जाति के आरक्षण में वाल्मीकि समाज को भी आरक्षण का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने कहा की धामी सरकार वाल्मीकि समाज और सफाई कर्मचारी के हित में इन मांगों पर भी शीघ्र विचार करेगी। राज्य सफाई कर्मचारी आयोग उत्तराखंड सरकार सफाई कर्मचारियों के समग्र विकास एवं उनके हितों के लिए संकल्पित है।
