सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने किया जिला कारागार का औचक निरीक्षण
एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून, 22 जनवरी। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल एवं माननीय जिला न्यायाधीश, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून प्रेम सिंह खिमाल के निर्देशानुसार आज सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून श्रीमती सीमा डुँगराकोटी द्वारा जिला कारागार देहरादून का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में सर्वप्रथम महिला बैरक में निरुद्ध महिला बंदियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली गई तथा महिला बैरक में स्थित लीगल एड क्लीनिक का निरीक्षण किया गया और महिला बैरक के किचन का भी निरीक्षण किया गया जिसमें शाम खाने की तैयारी चल रही थी। बंदियों से मिलवाई के लिए आए उनके परिजनों व रिश्तेदारों से मिलवाइ स्थल पर बातचीत की गई तथा उन्हें बताया गया कि यदि कोई भी बंदी अधिवक्ता करने में असमर्थ है तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून से इस संबंध में निःशुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर सकते हैं। सभी को जेल पराविधिक कार्यकर्ताओं से भी मिलवाया गया और उनकी परेशानियों को सुनकर आवश्यक राय दी गई। इसके उपरांत 18 से 21 किशोर बैरक का निरीक्षण किया गया और बंदियों से उनके उम्र की पूछताछ की गई और उन्हें जेल से मिलने वाले प्रशिक्षण का लाभ उठाने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। जेल कार्यशाला में बन रहे समानों को देखा गया। कार्यशाला में कार्य कर रहे बंदियों से बातचीत कर उन्हें आवश्यक जानकारियां दी गई। जेलर द्वारा अवगत कराया गया कि जेल में निरुद्ध बंदी गिरीश जोशी , जोकि वर्तमान में धारा 302 के अपराध में सजा काट रहा है, उसके 20 वर्षीय पुत्र नागेंद्र जोशी के संबंध में दिनांक 21.01.2026 को बीती रात्रि घर की सूचना पर जानकारी हुई कि बंदी के पुत्र का स्वास्थ्य अचानक खराब हो गया, जोकि इस समय महंत इंद्रेश हॉस्पिटल में एडमिट है। डॉक्टर ने बताया कि बंदी के पुत्र को हार्ट की शिकायत है और उसका हार्ट 10% ही काम कर रहा है। इस पर सचिव महोदया द्वारा बंदी से मुलाकात की तथा उसके पुत्र के बारे में समस्त जानकारी ली गई और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून के पराविधिक कार्यकर्ता श्री हरीश रंसवाल को निर्देशित किया गया कि वह बंदी के परिवार और डॉक्टरों से हास्पिटल में जाकर मुलाकात करे तथा इस संबंध में जानकारी प्राप्त करें तथा यदि बंदी के पुत्र या परिजनों को किसी सहायता की आवश्यकता है, तो उन्हें तत्काल सहायता प्रदान करें और किसी भी प्रकार की परेशानी या सहायता के संबंध में भी जानकारी एकत्र कर, सचिव महोदया को अवगत कराए। इसी क्रम में प्राविधिक कार्यकर्ता हरीश रंसवाल द्वारा हॉस्पिटल में पहुँच कर बंदी के पुत्र व अन्य परिजनों से तथा डॉक्टर से बातचीत कर जानकारी एकत्रित की गई जोकि जेलर के माध्यम से बँधी तक पहुँचा दी गई है।
