April 21, 2026

वसंतोत्सव 2026 में कपिल शर्मा को राज्यपाल पुरस्कार

अगस्त्यमुनि। देहरादून स्थित लोक भवन में आयोजित ‘वसंतोत्सव 2026 – फ्लोरल हीलिंग: नेचर्स पाथ टू वेलबीइंग’ कार्यक्रम के दौरान रुद्रप्रयाग जिले के ग्राम टिमरिया, (अगस्त्यमुनि) निवासी प्रगतिशील कृषक कपिल शर्मा को फल, सब्जी एवं पुष्प उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। कपिल शर्मा ने अपने क्षेत्र में आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की है। उन्होंने संरक्षित खेती (पॉलीहाउस), ड्रिप सिंचाई प्रणाली, उन्नत बीजों का प्रयोग तथा जैविक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के माध्यम से लागत घटाते हुए गुणवत्ता और पैदावार दोनों में सुधार किया है। उनके खेतों में मौसमी सब्जियों, उच्च गुणवत्ता वाले फलों तथा विभिन्न प्रजातियों के पुष्पों का उत्पादन किया जाता है, जिसकी बाजार में अच्छी मांग है। स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी उनका योगदान सराहनीय है। उनके कृषि कार्यों से क्षेत्र के युवाओं और महिलाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिले हैं। उन्होंने आसपास के किसानों को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन देकर आधुनिक कृषि की ओर प्रेरित किया है। समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ऐसे प्रगतिशील किसान प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि कपिल शर्मा द्वारा अपनाई गई उन्नत पद्धतियां अन्य कृषकों के लिए प्रेरणास्रोत हैं और इससे राज्य में उद्यानिकी को बढ़ावा मिलेगा। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। 27 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक चले इस तीन दिवसीय वसंतोत्सव में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कृषकों, उद्यान विशेषज्ञों, स्वयं सहायता समूहों और कृषि से जुड़े उद्यमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में पुष्प प्रदर्शनी, कृषि नवाचारों की झलक, जैविक उत्पादों के स्टॉल तथा तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया। विशेषज्ञों ने जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती और बाजार प्रबंधन जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। सम्मान प्राप्त करने के बाद कपिल शर्मा ने कहा कि यह पुरस्कार उनके परिवार और क्षेत्र के सभी किसानों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यदि किसान आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक सोच को अपनाएं तो कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र में नवाचार अपनाने और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। इस अवसर पर कृषि एवं उद्यान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। समारोह ने प्रदेश में कृषि और पुष्प उत्पादन को नई दिशा देने का संदेश दिया।

 

 

 

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