एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

देहरादून। एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय (एचक्यू आईडीएस) ने नई दिल्ली में दूसरा नीश टेक्नोलॉजी नेक्सस (एनटीएन) सेमिनार आयोजित किया। ‘कॉग्निटिव स्पेक्ट्रम ऑपरेशंस और क्वांटम टेक्नोलॉजीज’ विषय पर केंद्रित इस सेमिनार में रक्षा बलों, शिक्षाविदों, उद्योग, स्टार्टअप और अनुसंधान संगठनों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस सेमिनार में कॉग्निटिव स्पेक्ट्रम प्रबंधन और क्वांटम प्रौद्योगिकीयों के क्षेत्र में प्रौद्योगिकीय प्रगति तथा नवोन्मेषी समाधानों पर विचार-विमर्श किया गया। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए चीफ ऑफ इंटिग्रेटिड डिफेंस स्टॉफ टू दा चेयरमैन चीफ्स ऑफ स्टॉफ कमेटी (सीआईएससी) एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने आधुनिक युद्ध में कुशल स्पेक्ट्रम उपयोग, अनुकूलनशील संचार नेटवर्क तथा उभरती क्वांटम क्षमताओं के बढ़ते महत्व पर बल दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और उन्नत विश्लेषण से समर्थित कॉग्निटिव स्पेक्ट्रम ऑपरेशंस रक्षा बलों के लिए गतिशील स्पेक्ट्रम पहुंच, विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम जागरूकता और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताओं को उल्लेखनीय रूप से बढ़ा सकते हैं। क्वांटम प्रौद्योगिकियों की परिवर्तनकारी क्षमता पर जोर देते हुए, विशेष रूप से सुरक्षित संचार, क्वांटम सेंसिंग, नेविगेशन और टाइमिंग सिस्टम जैसे क्षेत्रों में, एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने कहा कि आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने इन विशिष्ट क्षेत्रों में नवाचारों को गति देने और स्वदेशी समाधान विकसित करने के लिए सभी हितधारकों के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर भी बल दिया। इस दूसरे ‘नीश टेक्नोलॉजी नेक्सस’ सेमिनार ने कॉग्निटिव स्पेक्ट्रम ऑपरेशंस और क्वांटम टेक्नोलॉजीज से जुड़े उभरते रुझानों, परिचालन अनुप्रयोगों और प्रौद्योगिकीय चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श को सुगम बनाया। चर्चा के दौरान भविष्य के थिएटर-आधारित रक्षा बलों की परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सुरक्षित, मजबूत और बुद्धिमान संचार इकोसिस्टम विकसित करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।

 

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