July 24, 2026

पेशावर काण्ड के 96 वर्ष पूर्ण, सीपीआई (एम) ने किया नायकों को नमन

संदीप गोयल/एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून, 23 अप्रैल। भारतीय इतिहास के एक गौरवशाली प्रसंग ‘पेशावर काण्ड’ के 96 वर्ष पूरे होने पर सीपीआई (एम) के देहरादून स्थित जिला एवं राज्य कार्यालय में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने 23 अप्रैल 1930 को गढ़वाली सैनिकों द्वारा निभाई गई अद्वितीय देशभक्ति की मिशाल को याद किया।
संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने बताया कि 23 अप्रैल 1930 को अंग्रेज अफसर कैप्टन रिकेट ने पेशावर के किस्साखानी बाजार (वर्तमान पाकिस्तान) में सत्याग्रह कर रही पठान जनता पर गोली चलाने का आदेश दिया। पूरी गढ़वाली पल्टन को यह क्रूर कार्य अन्जाम देने के लिए भेजा गया। लेकिन जैसे ही फायर करने का आदेश हुआ, हवलदार चन्द्र सिंह गढ़वाली ने सैनिकों से कहा – “गढ़वाली, सीज फायर” (गोली बंद करो)।
इस सूझबूझ भरे निर्णय ने न केवल एक बड़े नरसंहार को रोका, बल्कि साम्प्रदायिक एकता और देशभक्ति की अमर मिसाल पेश की। वक्ताओं ने कहा कि यह विद्रोह 1857 के संग्राम के बाद अंग्रेजों के खिलाफ उत्तर भारत में सबसे बड़ा विद्रोह था, जिसने अंग्रेजी हुकूमत की नींद हराम कर दी।
चंद्र सिंह गढ़वाली ने अपने सैनिकों को मानसिक रूप से पहले ही तैयार कर रखा था कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी है, चाहे अन्जाम कुछ भी हो। उनके इस साहस ने पेशावर से लेकर लन्दन तक अंग्रेजों की चूलें हिला दीं। विद्रोह के बाद क्रान्तिकारी सैनिकों को गिरफ्तार कर मुकदमों का सामना करना पड़ा, लेकिन चन्द्र सिंह के नेतृत्व में उन्होंने डटकर मुकाबला किया।
वक्ताओं ने यह भी बताया कि लम्बी सजा काटने के बाद भी यह सैनिक संघर्ष से अलग नहीं हुए। वे चन्द्र सिंह गढ़वाली के नेतृत्व में महात्मा गांधी के सत्याग्रह, 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन तथा अन्य स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े रहे। चन्द्र सिंह गढ़वाली आजादी के बाद सीपीआई (एम) से जुड़ गए और टिहरी रियासत के खिलाफ संघर्ष में अग्रणी भूमिका निभाई। 1979 में दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय में उन्होंने अन्तिम सांस ली।
संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि पेशावर विद्रोह के इन अमर सैनानियों और क्रांतिकारियों को नमन करने का यह दिन है, जिनकी कुर्बानियों से हमें आजादी मिली।
इस अवसर पर पार्टी केंद्रीय समिति सदस्य राजेंद्र नेगी, राज्य सचिव राजेंद्र पुरोहित, जिला सचिव शिव प्रसाद देवली, देहरादून सचिव अनंत आकाश, जनवादी महिला समिति राज्य उपाध्यक्ष इंदु नौडियाल, सीआईटीयू राज्य कोषाध्यक्ष मनमोहन सिंह, एसएस नेगी जिलाध्यक्ष सीआईटीयू, भगवंत पयाल उपाध्यक्ष सीआईटीयू, नितिन मलेठा राज्य अध्यक्ष एस एफ आई, अय्याज खान जिला सचिव देहरादून , अभिषेक भंडारी (सचिव सीआईटीयू), हिमांशु चौहान (बरिष्ठ नेता सीआईटीयू), गंगाधर नौटियाल उपाध्यक्ष , कमरुद्दीन संयुक्त सचिव उत्तरराखण्ड किसान सभा, शंभू प्रसाद ममगांई(एआईएलयू महामंत्री ), दया कृष्ण पाठक (परिवहन ), विजय भट्ट(पीएसएम), विनोद खंडूरी, यूएन बलूनी, उदयराम ममगाई(एल आईसी),अशोक सचदेवा, मेहरबान, राजेश कुमार, टिंकू, मुमताज, आनंद मणि डंगवाल, माला, गौरा देवी, सुनीता (जनवादीमहिलासमिति), अखिलेश, राजेंद्र शर्मा समेत कई प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *