जनवादी महिला समिति का जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन
एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून/चंपावत। उत्तराखंड के चंपावत जिले में एक 16 वर्षीय नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस जांच को लेकर जनवादी महिला समिति ने इस प्रकरण में निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हुए राज्यपाल से हस्तक्षेप और स्वतंत्र जांच की मांग की है तथा जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। 5 मई 2026 को एक नाबालिग के साथ तीन लोगों ने चाकू के बल पर सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपियों में भाजपा मंडल उपाध्यक्ष पूरणसिंह रावत का नाम शामिल जिसे सत्ता का पूर्णतः संरक्षण है। महिला समिति ने चिन्ता व्यक्त की है कि, चंपावत पुलिस ने मामला दर्ज होने के 24 घंटों के भीतर ही इसे ‘फर्जी’ करार दे दिया। पुलिस का दावा है कि लड़की अपनी मर्जी से अपने दोस्त के साथ गई थी और मेडिकल-तकनीकी जांच में बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस इसे बदले की साजिश बता रही है। जनवादी महिला समिति ने पुलिस की भूमिका को संदेहास्पद बताते हुए कहा है कि पुलिस सत्ता के दबाव में आकर मामले को रफा दफा कर रही है। इस अवसर राज्य महामंत्री दमयन्ती नेगी, राज्य उपाध्यक्ष उमा नौटियाल, जिलाध्यक्ष माला गुरूंग, उपाध्यक्ष नुरैशा अंसारी, कुसुम नौडियाल, कोषाध्यक्ष शबनम, सचिव अंजली सेमवाल, बीना बिष्ट, अज्जू, सुनीता, जानकी भट्ट, शशि जैन, बीना बिष्ट, सुनीता, अज्जू आदि उपस्थित थे।
