रक्षा मंत्री ने किया स्मृति पुस्तक का विमोचन
एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर पर एक स्मारक पुस्तक का विमोचन किया, जिसमें इस ऑपरेशन में भाग लेने वाले 100 अधिकारियों, नौसैनिकों, वायुसैनिकों और अन्य सैनिकों के व्यक्तिगत वृत्तांतों का संकलन है। रक्षा मंत्री ने X पर एक पोस्ट में इस प्रकाशन को इस ऑपरेशन को अंजाम देने वालों को श्रद्धांजलि बताते हुए सैनिकों के समर्पण और साहस से जुड़ाव स्थापित करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, “नागरिकों को इस पुस्तक से प्रेरणा लेनी चाहिए और राष्ट्र द्वारा सुरक्षा सुनिश्चित करने और संप्रभुता बनाए रखने के लिए किए गए भारी बलिदान के योग्य नागरिक बनना चाहिए।”श्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को एक अभूतपूर्व सफलता बताया, जिसमें भारत ने पाकिस्तान को चार दिनों के भीतर युद्धविराम के लिए बाध्य किया। उन्होंने लिखा कि यह भारत द्वारा अब तक लड़े गए सभी युद्धों से अलग था, और यह स्मारक प्रकाशन ऐतिहासिक विवरण से परे जाकर बहादुर सैनिकों के व्यक्तिगत अनुभवों को समाहित करता है। उन्होंने आगे कहा कि यह आधुनिक युद्ध के मानवीय आयाम की भी झलक देता है, जहां नेतृत्व, साहस, दबाव में निर्णय लेने की क्षमता और प्रतिबद्धता रणनीति को सफलता में बदल देती है। यह पुस्तक आधिकारिक सैन्य इतिहास लेखन की परंपराओं से हटकर लिखी गई है। युद्ध के अधिकांश वृत्तांत मुख्यालय और ऑपरेशन रूम के दृष्टिकोण को प्राथमिकता देते हैं, जहाँ कमांडरों के निर्णयों को दर्ज किया जाता है, उनका विश्लेषण किया जाता है और उन पर बहस की जाती है। फिर भी, युद्ध का वास्तविक स्वरूप, जैसा कि नियंत्रण रेखा पर दुश्मन के बंकरों को निशाना बनाते सैनिक, हवाई रक्षा ऑपरेटर जो आने वाले ड्रोनों का पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय कर रहा था, हथियार छोड़ने के क्षण में कॉकपिट में बैठा पायलट और बेड़े के उच्चतर स्थिति में आने पर कार्रवाई स्टेशनों पर तैनात नाविक, लगभग हमेशा ही खो जाता है।
यह पुस्तक उस स्वरूप को पुनः प्राप्त करने का एक प्रयास है। इसमें तीनों सेनाओं के साथ-साथ मुख्यालय, एकीकृत रक्षा स्टाफ के वृत्तांत शामिल हैं और इसमें लड़ाकू विमान चालक, नौसेना के पहरेदार, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल के दल, विशेष बल के ऑपरेटर, सिग्नलर, लॉजिस्टिक्स कर्मी, चिकित्सा अधिकारी और संयुक्त एवं एकीकृत संगठनों के कर्मी शामिल हैं जो ऑपरेशन को एक साथ जोड़ते हैं। इस प्रकाशन का विमोचन नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में किया गया, जिसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान, चीफ ऑफ नेवल स्टाफ एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी और चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह उपस्थित थे। इस पुस्तक का संकलन सीडीएस के मार्गदर्शन में किया गया है। इसमें सैन्य बलों के व्यक्तिगत अनुभव अतिरिक्त सामरिक संचार महानिदेशालय, मीडिया एवं जन सूचना प्रकोष्ठ और मीडिया एवं जनसंपर्क निदेशालय द्वारा शामिल किए गए हैं, जबकि प्रकाशन में सहयोग यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशंस ऑफ इंडिया द्वारा प्रदान किया गया है।
