16वें रक्षा नीति संवाद के दौरान रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के नए रास्ते तलाशे

एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

देहरादून। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और स्थायी सचिव (रक्षा) श्री जोसेफ लियोंग ने सिंगापुर में 16वें भारत-सिंगापुर रक्षा नीति वार्ता की सह-अध्यक्षता की। दोनों सचिवों ने चल रहे रक्षा समझौतों की प्रगति की समीक्षा की और रक्षा सहयोग, सैन्य गतिविधियों, रक्षा उद्योग सहयोग, क्षमता निर्माण और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों के प्रमुख क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा की। उन्होंने रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने और उद्योगों के बीच सहयोग सहित पारस्परिक हित के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के नए रास्ते भी तलाशे। दोनों देशों ने साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, समुद्री सुरक्षा, मानवरहित प्रणालियों और उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों जैसे विशिष्ट और उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की। चर्चाओं में उभरते क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए नवाचार-संचालित साझेदारी और उभरते क्षेत्रों में गहन सहयोग के महत्व पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने दक्षिणपूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) के नेतृत्व वाले तंत्रों और आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (एडीएमएम-प्लस) ढांचे सहित क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मंचों में भारत और सिंगापुर के बीच निरंतर सहयोग की सराहना की। दोनों देशों ने एक खुली, समावेशी और नियम-आधारित क्षेत्रीय सुरक्षा संरचना का समर्थन करने के साथ-साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में व्यावहारिक और रचनात्मक रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। संवाद में भारत-सिंगापुर रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान और गहन संस्थागत सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और मजबूत करने और आने वाले वर्षों में घनिष्ठ सहयोग को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। रक्षा सचिव ने सिंगापुर सशस्त्र बलों की डिजिटल और खुफिया सेवा के डिजिटल संचालन प्रौद्योगिकी केंद्र का भी दौरा किया। इस दौरे से युद्ध के विशिष्ट और उभरते क्षेत्रों में भारतीय रक्षा बलों के साथ सहयोग की संभावनाओं का पता लगाने के लिए सिंगापुर सशस्त्र बलों की डिजिटल और तकनीकी क्षमताओं के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्राप्त हुई।

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