ऐतिहासिक अटलांटिक महासागर पार करने के बाद आईएनएस सुदर्शनी एंटीगुआ पहुंची

एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस

देहरादून। भारतीय नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत (एसटीएस) आईएनएस सुदर्शनी, लोकायन 26 अभियान के तहत ऐतिहासिक अटलांटिक महासागर पार करने के बाद एंटीगुआ पहुंचा। एंटीगुआ और बारबुडा में भारत के मानद महावाणिज्यदूत श्री विजय तिवारी और एंटीगुआ और बारबुडा रक्षा बल (एबीडीएफ) के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ब्रिगेडियर टेल्बर्ट बेंजामिन ने पोत का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह यात्रा आईएनएस सुदर्शनी द्वारा अटलांटिक महासागर को पार करने का पहला प्रयास है, जबकि इससे पहले आईएनएस तरंगिनी ने 2007 में यह यात्रा की थी। केप वर्डे के मिंडेलो से एंटीगुआ तक की यात्रा इस अभियान का सबसे लंबा चरण था, जो 19 दिनों तक चला। यात्रा के दौरान, पोत लगातार पाल की सहायता से चलता रहा, जिससे पारंपरिक नौकायन कौशल और समुद्र में सहनशक्ति का प्रदर्शन हुआ। इस यात्रा में चुनौतीपूर्ण समुद्री परिस्थितियां शामिल थीं, जिनमें भारी लहरें और तेज हवाएं शामिल थीं। चालक दल ने निरंतर निगरानी, समन्वित पाल संचालन और पारंपरिक नौवहन पद्धतियों के माध्यम से इन परिस्थितियों में सफलतापूर्वक पोत का संचालन किया। इस चरण के दौरान, आईएनएस सुदर्शनी ने 20 जनवरी 2026 को कोच्चि से प्रस्थान करने के बाद से 10,000 समुद्री मील का मील का पत्थर भी पार कर लिया। लोकायन 26 का उद्देश्य समुद्री सहयोग को बढ़ावा देना, अंतरराष्ट्रीय सद्भावना को मजबूत करना और भारत की समृद्ध समुद्री परंपराओं को प्रदर्शित करना है। यह यात्रा भारतीय नौसेना की समुद्री सहयोग के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता और वसुधैव कुटुंबकम की भावना को दर्शाती है – ‘विश्व एक परिवार है’। पश्चिम एशिया, भूमध्य सागर, यूरोप और अफ्रीका के बंदरगाहों पर सफलतापूर्वक रुकने के बाद, जहाज ने अब अभियान के कैरेबियाई और अमेरिकी चरण की शुरुआत कर दी है, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका में आगामी SAIL 250 कार्यक्रमों में भागीदारी भी शामिल है। एंटीगुआ की यात्रा के दौरान, जहाज का चालक दल पेशेवर संवाद, सांस्कृतिक गतिविधियों और सामुदायिक संपर्क गतिविधियों में भाग लेगा, जिसके बाद वह नॉरफ़ॉक, अमेरिका के लिए रवाना होगा।

 

 

 

 

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