भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने किया पुतला दहन
एस.के.एम. न्यूज़ सर्विस
देहरादून, 29 मई। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) देहरादून जिला कमेटी के आह्वान पर आज देहरादून में केंद्र सरकार, प्रवर्तन निदेशालय एवं केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पार्टी के जिला कार्यालय से हुई, जहां से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, श्रमिक, युवा, छात्र एवं लोकतांत्रिक संगठनों से जुड़े लोग जुलूस के रूप में गांधी पार्क मुख्य द्वार पहुंचे। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह तथा ईडी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया।
सभा को संबोधित करते हुए पार्टी जिला सचिव शिव प्रसाद देवली ने कहा कि 27 मई 2026 को केरल के पूर्व मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan के आवास पर ईडी द्वारा की गई कार्यवाही पूरी तरह राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। यह कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है और इसका स्पष्ट उद्देश्य विपक्ष की आवाज को दबाना तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) को बदनाम करना है। पार्टी केंद्रीय कमेटी के सदस्य राजेन्द्र नेगी कहा कि देश में लगातार उन नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और संगठनों को निशाना बनाया जा रहा है जो केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
उत्तराखंड राज्य कमेटी सचिव राजेंद्र पुरोहित ने आरोप लगाया कि आज ईडी, CBI, आयकर विभाग तथा अन्य केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल निष्पक्ष जांच संस्थाओं के रूप में नहीं बल्कि राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है। जिन राज्यों में विपक्ष की सरकारें हैं या जहां विपक्ष मजबूत है, वहां लगातार केंद्रीय एजेंसियों की छापेमारी और कार्रवाई बढ़ाई जा रही है। इससे स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक विरोध को दबाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है।
CITU जिला महामंत्री लेखराज ने बताया कि जब-जब देश में बेरोजगारी, महंगाई, श्रमिकों-किसानों की समस्याएं, निजीकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर जनता सरकार से सवाल पूछती है, तब-तब सरकार जनता का ध्यान भटकाने के लिए विपक्षी दलों और नेताओं के खिलाफ एजेंसियों का इस्तेमाल शुरू कर देती है। यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक स्थिति है।
वक्ताओं ने कहा कि देश की जनता अब समझ चुकी है कि “भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई” के नाम पर केवल राजनीतिक विरोधियों को डराने और झुकाने का प्रयास किया जा रहा है। जो नेता सत्ता पक्ष में शामिल हो जाते हैं, उनके खिलाफ चल रही जांच अचानक धीमी या बंद हो जाती है, जबकि सरकार की आलोचना करने वालों के यहां लगातार छापे और पूछताछ की कार्रवाई होती है। यह दोहरा रवैया लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है| पार्टी सचिवमंडल के सदस्य कमरुद्दीन ने बताया कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और देश की लोकतांत्रिक ताकतें इस प्रकार की दमनकारी राजनीति से डरने वाली नहीं हैं। जनता की आवाज को दबाने का हर प्रयास सड़कों पर लोकतांत्रिक प्रतिरोध को और मजबूत करेगा।
कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों ने “लोकतंत्र पर हमला बंद करो”, “ईडी-CBI का दुरुपयोग बंद करो”, “विपक्ष की आवाज दबाना बंद करो”, “संविधान बचाओ-लोकतंत्र बचाओ” जैसे नारों के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। अंत में सभी ने लोकतंत्र, संविधान और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष को और मजबूत करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर पार्टी राज्य कमेटी सदस्य, शम्भू प्रसाद मंगाई, विजय भट्ट, मनमोहन, हिमांशु चौहान, जिला कमेटी सदस्य, बीएस पयाल, रवीन्द्र नौडियाल, कृष्ण गुनियाल, एसएफआई के अयाज खान, मुकुल, विप्लव अनंत, भरत नेगी, विनोद खंडूरी, नूरेशा अंसारी, प्रेमा, कुसुम नौडियाल, अंजली, अनीता रावत, बिना बिष्ट, संगीता नैथानी, अमर बहादुर शाही, दीपक, प्रदीप कुमार, भगत सिंह, गुरमीतसिंह, हैप्पी सिंह आदि बड़ी संख्या में माकपा के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
