उत्तराखंड में बढ़ती गुलदार घटनाएं गंभीर चिंता का विषय : नेगी
एसकेएम न्यूज़ सर्विस
कोटद्वार। आज प्रातः लगभग 7:30 बजे कोटलीढांग-सनेह क्षेत्र, कोटद्वार निवासी श्रीमती रीना देवी पर जंगल की ओर घास काटने जाते समय गुलदार ने हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गईं। स्थानीय लोगों की सहायता से उन्हें तत्काल बेस अस्पताल, कोटद्वार में भर्ती कराया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री उत्तराखंड सरकार सुरेन्द्र सिंह नेगी तत्काल बेस अस्पताल पहुंचे और घायल महिला का हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों एवं अस्पताल स्टाफ से वार्ता कर घायल महिला को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। श्री नेगी ने घायल महिला के परिजनों से भी मुलाकात की तथा उन्हें हरसंभव सहयोग एवं सहायता का भरोसा दिलाया। चिकित्सकों ने उन्हें अवगत कराया कि महिला की स्थिति फिलहाल स्थिर है तथा वह खतरे से बाहर हैं।
इस दौरान श्री नेगी ने बेस अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों से भी मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने मरीजों एवं उनके परिजनों से स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा चिकित्सकों एवं अस्पताल स्टाफ से समुचित स्वास्थ्य व्यवस्थाओं, आवश्यक संसाधनों एवं मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के संबंध में विस्तार से चर्चा की। इस दौरान श्री नेगी ने उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही गुलदार की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आए दिन निर्दोष ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे वन्यजीव हमलों का शिकार हो रहे हैं। यह अत्यंत गंभीर विषय है, जिस पर सरकार को तत्काल और प्रभावी कदम उठाने चाहिए। अपने वक्तव्य में श्री नेगी ने कहा कि मानव और वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाएं अब पहाड़ और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं। सरकार एवं वन विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी, त्वरित राहत व्यवस्था और दीर्घकालिक समाधान की दिशा में ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि वन विभाग एवं प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, प्रभावित गांवों में सुरक्षा उपाय मजबूत करने तथा स्थानीय जनता को राहत एवं सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए। श्री नेगी जी ने कहा कि पहाड़ और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का जीवन पहले ही अनेक कठिनाइयों से जूझ रहा है। ऐसे में गुलदार के बढ़ते हमले ग्रामीणों के बीच भय और असुरक्षा का वातावरण पैदा कर रहे हैं। सरकार को इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए गंभीरता से कार्य करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। उन्होंने घायल महिला के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए प्रशासन से पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी की।
